
Ranchi: डाक विभाग की घोर लापरवाही और ट्रैकिंग सिस्टम में झूठी जानकारी दर्ज करने के एक संवेदनशील मामले में विभाग ने सख्त एक्शन लिया है। आरा हेड पोस्ट ऑफिस में स्पीड पोस्ट की फर्जी डिलीवरी दिखाने और कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में डाकिया ऋणु कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पीड़ित परिवार की गंभीर शिकायत के बाद आरा डाक डिवीजन के डाक अधीक्षक रंजन कुमार ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई, जिसमें डाकिया की पोल खुल गई।

BSF जवान ने भेजी थी राखी और जरूरी ATM कार्ड
यह पूरा मामला झारखंड के हजारीबाग स्थित BSF मेरु कैंप पोस्ट ऑफिस से जुड़ा हुआ है। सीमा पर तैनात एक BSF जवान ने 18 अगस्त को अपनी पत्नी के नाम एक बेहद जरूरी स्पीड पोस्ट भेजा था। इस पार्सल में दो राखियां और इलाज के खर्च के लिए एक बैंक ATM कार्ड मौजूद था। इंडिया पोस्ट के ऑनलाइन ट्रैकिंग पोर्टल पर इस पार्सल का स्टेटस 21 अगस्त को शाम 3:31 बजे ‘सफलतापूर्वक डिलीवर’ दिखाया गया, जबकि असलियत में पार्सल महिला तक पहुंचा ही नहीं था।

कैंसर से जूझ रही हैं जवान की पत्नी
इस फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब 28 अगस्त को जवान ने घर पर अपनी पत्नी प्रीति निवेदिता से संपर्क कर डाक मिलने की पुष्टि करनी चाही। पत्नी ने बताया कि उन्हें ऐसा कोई पार्सल मिला ही नहीं है। पीड़िता कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं और उनके मेडिकल खर्च व दैनिक जरूरतों के लिए वह ATM कार्ड बेहद आवश्यक था। पार्सल न मिलने से परेशान जवान ने तुरंत इंडिया पोस्ट के पोर्टल पर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
जांच में खुली झूठी डिलीवरी की पोल, गिरी निलंबन की गाज
मामले का समाधान न होते देख 22 सितंबर को जवान और उनके पिता ने सीधे आरा डाक विभाग के उच्चाधिकारियों से संपर्क साधा और पूरे मामले की गंभीरता से अवगत कराया। डाक अधीक्षक के निर्देश पर ग्राहक संतुष्टि सेवा के प्रभारी उमाशंकर ने मौके पर जाकर जांच की। जांच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से प्रमाणित हुआ कि डाकिया ने बिना पार्सल पहुंचाए ही सिस्टम में फर्जी तरीके से डिलीवरी अपडेट कर दी थी।
दोष साबित होते ही डाक अधीक्षक ने त्वरित कार्रवाई करते हुए डाकिया ऋणु कुमारी को निलंबित कर दिया। इसके साथ ही डाक विभाग ने आनन-फानन में उसी दिन आवश्यक पार्सल पीड़ित महिला तक सुरक्षित पहुंचाया।


