
Digital Desk Naxatra: सियासत के मैदान में जो हर मुश्किल के सामने चट्टान बनकर खड़ी रहती हैं और जिनका पूरा दिन आम जनता के दुख दर्द बांटते बीतता था, आज वही शख्सियत एक मां के रूप में भीतर से पूरी तरह बिखर चुकी हैं। अपनी लाडली बेटी तृषा सिंह की असमय और दर्दनाक मौत की खबर ने झारखंड की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह का हौसला चकनाचूर कर दिया है। जब यह मनहूस खबर उन तक पहुंची, उस वक्त वे अपने विधानसभा क्षेत्र महगामा में हमेशा की तरह लोगों की समस्याएं सुन रही थीं। हादसे की खबर मिलते ही मानो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई और गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे जब वे हेलिकॉप्टर से रांची एयरपोर्ट पहुंचीं, तो वहां का मंजर देखकर हर आंख नम हो गई।

महगामा की गलियों में दौड़ने वाली नेता आज अपनों के सहारे निकलीं बाहर
रांची एयरपोर्ट से बाहर निकलते वक्त उन्हें देखकर कोई यह यकीन ही नहीं कर पा रहा था कि यह वही तेज तर्रार नेता हैं, जो हर रोज बिना थके 12 से 14 घंटे लगातार काम करती थीं। जिन्हें जरा सा वक्त मिलते ही अपने विधानसभा क्षेत्र महगामा पहुंचकर गांव गांव घूमना और लोगों के आंसू पोंछना पसंद था, आज उसी मां के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। बेटी के अचानक यूं चले जाने के सदमे में वे इतनी बेसुध थीं कि उनके कदम लड़खड़ा रहे थे और उनके परिचित व सुरक्षाकर्मी किसी तरह उन्हें संभालते हुए गाड़ी तक ले गए।

आंखों में सिर्फ आंसू और चेहरे पर पसरा गहरा सन्नाटा
एयरपोर्ट पर मौजूद लोगों ने बताया कि मंत्री जी न तो किसी की तरफ देख पा रही थीं और न ही उनके मुंह से एक लफ्ज निकल रहा था। उनकी आंखों में सिर्फ एक अजीब सा खालीपन और गहरा सन्नाटा पसरा हुआ था, जहां से लगातार आंसुओं की धार बह रही थी। चेहरा पूरी तरह बदहवास था और वे अपने आसपास की दुनिया से पूरी तरह कट चुकी थीं। अपनी जवान औलाद को खोने के इस असहनीय दर्द को देखकर वहां खड़े हर शख्स का दिल बैठ गया और सभी की जुबान पर बस यही एक बात थी कि भगवान ऐसा काला दिन किसी भी मां बाप को कभी न दिखाए।


