
Giridih: गिरिडीह जिले में बिना किसी वैध लीज के धड़ल्ले से चल रहे अवैध खदानों और उसमें प्रतिबंधित विस्फोटकों के अंधाधुंध इस्तेमाल पर खनन विभाग ने कानूनी कार्रवाई की है। खनन विभाग की शिकायत पर जमुआ थाने में छह नामजद आरोपियों के खिलाफ अवैध खनन करने और विस्फोटक रखने के गंभीर आरोपों में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। केस दर्ज होते ही खनन माफियाओं में हड़कंप मच गया है और सभी नामजद आरोपी अपने ठिकानों से फरार बताए जा रहे हैं।

खनन निरीक्षक के बयान पर 6 नामजदों पर FIR
यह कानूनी कार्रवाई खनन निरीक्षक शुभम कुमार के लिखित आवेदन के आधार पर की गई है। जमुआ थाना पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए कोडरमा निवासी अनिल साहू, सुनील महता और जमुआ निवासी मंगरू साहू, सिकन्दर साहू, रंजीत वर्मा और जीतेंद्र वर्मा के खिलाफ सुसंगत धाराओं में केस दर्ज किया है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ही पुलिस टीम इन फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

सरकारी फाइलों में 32 खदानें, धरातल पर अवैध धंधा बेहिसाब
इस कार्रवाई के बीच जिले में फल-फूल रहे अवैध पत्थर खनन के नेटवर्क ने प्रशासनिक कार्यशैली की पोल खोल कर रख दी है। जानकारों के अनुसार, खनन विभाग के आधिकारिक रिकॉर्ड में अगर वैध खदानों की संख्या 32 दर्ज है, तो असलियत में जिले के विभिन्न जंगलों और सुदूर इलाकों में अवैध पत्थर खदानों की तादाद इससे कहीं अधिक चल रही है। बिना सुरक्षा मानकों और बिना वैध कागजात के शक्तिशाली विस्फोटकों से पहाड़ों का सीना चीरा जा रहा है, जिससे सरकारी राजस्व को करोड़ों का चूना लग रहा है।
टास्क फोर्स की बैठकों और DC-SP के आदेशों पर सवाल
जिले में बड़े पैमाने पर चल रहे इस अवैध कारोबार ने सीधे तौर पर खनन विभाग की नीयत और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय हलकों में यह चर्चा आम है कि समय-समय पर होने वाली जिला खनन टास्क फोर्स की बैठकों में DC और SP द्वारा दिए जाने वाले कड़े निर्देशों के बावजूद जमीनी स्तर पर असर क्यों नहीं दिखता? आखिर क्या वजह है कि बड़ी बैठकों और समीक्षाओं के बाद भी अवैध खदानों से पत्थरों की ढुलाई बेरोकटोक जारी रहती है?
चुनिंदा कार्रवाई पर स्थानीय लोगों में गुस्सा
स्थानीय नागरिकों और जानकारों का सीधा आरोप है कि खनन विभाग की कार्रवाई सिर्फ गिने-चुने मामलों या कमजोर ठिकानों तक ही सीमित क्यों रह जाती है। जिन इलाकों में भारी पैमाने पर अवैध खनन और विस्फोटकों का खेल चल रहा है, वहां विभाग समय रहते ठोस कार्रवाई करने से क्यों बचता है? अब देखना यह होगा कि जमुआ में दर्ज इस नए केस के बाद पुलिस इन 6 नामजद आरोपियों को कब तक जेल की सलाखों के पीछे भेजती है।


