
Latehar: केंद्र सरकार के खनिज कानून के विरोध में गुरुवार को RJD कार्यकर्ताओं ने लातेहार में प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष रामप्रवेश यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला और कानून को वापस लेने की मांग उठाई। प्रदर्शन के बाद उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।

राज्य के राजस्व का मुद्दा उठाया
RJD जिलाध्यक्ष रामप्रवेश यादव ने कहा कि खनिज संपदा से मिलने वाले राजस्व में राज्य के हिस्से को प्रभावित करने वाले किसी भी प्रावधान का सीधा असर झारखंड पर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध होने के साथ गरीब और आदिवासी बहुल राज्य भी है, ऐसे में खनिज से मिलने वाला राजस्व विकास और जनकल्याण के कामों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

RJD नेताओं ने क्या कहा
जिला उपाध्यक्ष भोला सिंह ने कहा कि खनिज संसाधनों से मिलने वाला राजस्व राज्य के विकास से जुड़ा हुआ है। उनके मुताबिक नए कानून से राज्य के आर्थिक हित प्रभावित होने की आशंका है, इसलिए इसे वापस लिया जाना चाहिए।
राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन
प्रदर्शन के दौरान RJD नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार से खनिज कानून पर पुनर्विचार करने की मांग की। बाद में उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शन में पार्टी के पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
गौरतलब है कि Mines and Minerals (Development and Regulation) Amendment Act, 2026 को लेकर झारखंड में राजनीतिक दलों और राज्य सरकार की ओर से विरोध जताया जा रहा है। वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि संशोधन का उद्देश्य खनन क्षेत्र में अलग-अलग राज्यों की ओर से लगाए जा रहे कर और सेस को लेकर एक समान व्यवस्था बनाना है। केंद्र के अनुसार खनन से मिलने वाले कुल राजस्व का बड़ा हिस्सा राज्यों को ही मिलता है।


