
Giridih College: गिरिडीह कॉलेज में करोड़ों रुपये की कथित वित्तीय गड़बड़ी की जांच और कार्रवाई की मांग को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी ABVP के दो नेता पिछले दस दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। गुरुवार देर शाम उनकी स्थिति जानने के लिए कुलपति गिरिडीह कॉलेज पहुंचे। उनके साथ रजिस्ट्रार भी मौजूद थे।

भूख हड़ताल पर बैठे अनीश राय और नीरज चौधरी के साथ BJP नेता सौरव कुमार, रंजीत राय समेत कई लोग मौजूद थे। इस दौरान कुलपति और छात्र नेताओं के बीच बातचीत शुरू हुई, जो देर रात तक जारी रही।

“जांच हुई तो रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं?”
भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेताओं ने सवाल उठाया कि कॉलेज में कथित वित्तीय गड़बड़ी को लेकर अब तक जितनी भी जांच हुई है, उनकी रिपोर्ट का क्या हुआ। छात्र नेताओं का कहना है कि अगर जांच में कोई गड़बड़ी नहीं मिली है, तो विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग की ओर से अब तक यह साफ तौर पर क्यों नहीं बताया गया कि गिरिडीह कॉलेज में कोई वित्तीय गड़बड़ी नहीं हुई।
उनका कहना है कि जब तक जांच से जुड़ी रिपोर्ट और कार्रवाई को लेकर स्थिति साफ नहीं होती, तब तक आंदोलन खत्म करने का सवाल नहीं उठता।
कुलपति ने भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की
वार्ता के दौरान कुलपति और रजिस्ट्रार ने दोनों छात्र नेताओं से भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कहा गया कि लंबे समय से चल रही भूख हड़ताल के कारण कॉलेज का माहौल प्रभावित हो रहा है।
हालांकि छात्र संगठन की ओर से आंदोलन खत्म करने से इनकार किया गया। ABVP नेता रोशन कुमार ने कहा कि छात्र नेता तब तक भूख हड़ताल खत्म नहीं करेंगे, जब तक कॉलेज के प्राचार्य मृगेंद्र नारायण सिंह और प्रोफेसर बालनेदु शेखर त्रिपाठी को पद से हटाकर मामले की जांच शुरू नहीं की जाती।
देर रात तक चलती रही बातचीत
छात्र संगठन की ओर से लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्ष का पक्ष और जांच रिपोर्ट सामने आना अभी बाकी है। फिलहाल कुलपति, रजिस्ट्रार और छात्र नेताओं के बीच बातचीत जारी थी। आंदोलनकारी अपनी मांगों पर अड़े हैं, जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से भूख हड़ताल समाप्त करने की अपील की जा रही है।


