
West Singhbhum News: पश्चिम सिंहभूम जिले के मनोहरपुर प्रखंड से एक बहुत ही दिलचस्प और प्रेरक खबर सामने आई है। गुरुवार को जब उपायुक्त (DC) मनीष कुमार SSIP प्लस टू उच्च विद्यालय के औचक निरीक्षण पर पहुंचे, तो उन्होंने केवल व्यवस्थाएं नहीं देखीं, बल्कि सीधे क्लासरूम में जाकर ब्लैकबोर्ड संभाला और बच्चों के ‘मास्टरजी’ बन गए। डीसी साहब को अचानक शिक्षक की भूमिका में देखकर छात्र-छात्राएं और स्कूल के शिक्षक बेहद उत्साहित नजर आए।

ब्लैकबोर्ड पर समझाए मैथ्स के आसान ट्रिक्स
क्लासरूम में दाखिल होते ही उपायुक्त ने विद्यार्थियों को गणित (Maths) के कठिन से कठिन सवालों को बेहद सरल और आसान तरीके से हल करने की प्रक्रिया समझाई। उन्होंने बच्चों से विषय से जुड़े कई सवाल पूछे और उनकी समझ का जायजा लिया। इसके बाद डीसी ने बच्चों से खुलकर बात की और उन्हें नियमित पढ़ाई, अनुशासन और जीवन में एक लक्ष्य बनाकर मेहनत करने की सलाह दी। उन्होंने बच्चों से कहा कि सफलता सिर्फ किताब रटने से नहीं, बल्कि रोज़ाना अभ्यास और पॉजिटिव सोच से मिलती है।

निर्माणाधीन भवन का लिया जायजा, दिए कड़े निर्देश
औचक निरीक्षण के दौरान मनोहरपुर के बीडीओ शक्ति कुंज भी उनके साथ मौजूद थे। उपायुक्त ने विद्यालय परिसर में डीएमएफटी (DMFT) फंड से बन रहे 6 कमरों के नए भवन का निरीक्षण किया और निर्माण कार्य की स्पीड देखी। उन्होंने ठेकेदार और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि काम में क्वालिटी से कोई समझौता न हो और तय समय सीमा के अंदर निर्माण पूरा किया जाए।
साइकिल स्टैंड, हैंडवॉश यूनिट और वाटर हार्वेस्टिंग का आदेश
विद्यार्थियों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए उपायुक्त ने स्कूल परिसर में नया साइकिल स्टैंड बनाने का आदेश दिया। इसके अलावा बच्चों के लिए हैंडवॉश यूनिट लगाने, ज़मीन पर पेवर ब्लॉक बिछाने और बारिश के पानी को बचाने के लिए ‘रेन वाटर हार्वेस्टिंग’ सिस्टम विकसित करने का निर्देश दिया। उन्होंने पीने के पानी और शौचालयों की सफाई पर विशेष ध्यान देने की बात कही।
‘स्कूल सिर्फ पढ़ाई की जगह नहीं, बच्चों के विकास की नींव है’
उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि कोई भी विद्यालय सिर्फ पढ़ाई की जगह नहीं होता, बल्कि वह बच्चों के पूरे व्यक्तित्व और सर्वांगीण विकास की नींव रखता है। इसलिए स्कूल का माहौल साफ-सुथरा, सुरक्षित और बच्चों के अनुकूल होना बहुत जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि वे समय-समय पर आकर स्कूल की सुविधाओं और निर्माण कार्यों की निगरानी करते रहें।


