
Ranchi: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत में 2.20 करोड़ रुपये के इनामी कुख्यात नक्सली मिसिर बेसरा से जुड़े बहुचर्चित मामले में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। NIA के विशेष न्यायाधीश अभिमन्यु कुमार की अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से तीसरे गवाह अमरजीत कुमार को पेश किया गया, जिनकी विधिवत गवाही दर्ज की गई। कोर्ट ने गवाही की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मामले में अगली सुनवाई की तारीख 9 अक्टूबर तय की है।

सारंडा और आनंदपुर में सुरक्षाबलों पर घातक हमलों का आरोप
माओवादी संगठन के शीर्ष नेताओं में शुमार मिसिर बेसरा उर्फ भास्कर उर्फ सागर पर चाईबासा के आनंदपुर और सारंडा के घने जंगलों में सुरक्षाबलों को बड़ा नुकसान पहुंचाने और घातक हमलों की साजिश रचने का गंभीर आरोप है। मिसिर बेसरा लंबे समय तक पश्चिमी सिंहभूम के सारंडा, पोड़ाहाट और कोल्हान के आनंदपुर-मनोहरपुर क्षेत्र में अपने भारी हथियारों से लैस दस्ते के साथ सक्रिय रहा। सुरक्षाबलों को निशाना बनाने के लिए उसके दस्ते ने जंगल के रास्तों पर लगातार घातक IED लगाए थे, जिसके चलते कई बार भीषण पुलिस-नक्सली मुठभेड़ भी हुई।

लेवी और चिट्ठियों के सिंडिकेट से NIA तक पहुंची जांच
इस मामले की शुरुआत जुलाई 2022 में हुई थी, जब चाईबासा के आनंदपुर थाना क्षेत्र में मिसिर बेसरा के दस्ते के लिए फंड (लेवी) जुटाने, सामग्री पहुंचाने और गोपनीय चिट्ठियां ले जा रहे उसके सहयोगियों को पुलिस ने रंगे हाथ दबोचा था। इसके बाद आनंदपुर थाने में केस दर्ज किया गया था। मामले की अंतरराज्यीय संवेदनशीलता और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ाव को देखते हुए NIA ने अगस्त 2023 में इसे टेकओवर किया और केस नंबर 03/2023 दर्ज कर जांच का दायरा बढ़ाया।
बरवाअड्डा सीमा से हुई थी गिरफ्तारी
सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर चल रहे 2.20 करोड़ के इस मोस्ट वांटेड नक्सली को 28 जुलाई 2026 की शाम एक गुप्त ऑपरेशन के तहत धनबाद और गिरिडीह सीमा क्षेत्र (बरवाअड्डा थाना क्षेत्र) से गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद से ही केंद्रीय जांच एजेंसी मामले के तमाम सबूतों और गवाहों को अदालत के समक्ष मजबूती से पेश कर रही है, ताकि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।


