
Iran Israel Conflict: ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने दावा किया है कि उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (होर्मुज जलडमरूमध्य) में अमेरिका के “सेलड्रोन टाइप” मानव रहित जहाज पर कार्रवाई कर उसके मिशन को विफल कर दिया है। वहीं, क्षेत्र में जारी तनाव के बीच ओमान तट के समीप जहाजों को निशाना बनाए जाने और लाल सागर के अहम तटीय इलाकों में सैन्य गतिविधियों के बढ़ने की जानकारी सामने आई है।

हूतियों ने मोचा पर किया कब्जा, बाब अल-मंदेब पर बढ़ाई पकड़
अल जजीरा और CBS न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, UKMTO (यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर) ने पुष्टि की है कि ओमान के तट के पास दो व्यापारिक जहाजों पर मिसाइल या रॉकेट जैसे प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ है। इसी बीच, यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के रणनीतिक शहर मोचा (Mokha) पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है। इस नियंत्रण के बाद अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार के प्रमुख केंद्र बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य क्षेत्र पर हूतियों की मौजूदगी और अधिक मजबूत हो गई है।

UNSC की बैठक: सऊदी अरब और यमन सरकार का कड़ा रुख
मोचा शहर पर नियंत्रण के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में यमन की स्थिति को लेकर बैठक आयोजित की गई। UN में यमन सरकार के आधिकारिक प्रतिनिधि ने आरोप लगाया कि क्षेत्र के देशों और नागरिकों के खिलाफ हूती गुट की सैन्य आक्रामकता में बढ़ोतरी हुई है। वहीं, सऊदी अरब के संयुक्त राष्ट्र प्रतिनिधि अब्दुल अजीज अल-वासिल ने स्पष्ट किया कि उनका देश हूती हमलों को रोकने और अपनी संप्रभुता की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। पाकिस्तान के प्रतिनिधि ने भी चेतावनी दी कि यमन में बढ़ता संघर्ष पूरे क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है, इसलिए त्वरित कूटनीतिक समाधान आवश्यक है।
ईरान का बयान और ट्रंप की प्रतिक्रिया
घटनाक्रम पर ईरान के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि यमन को बाहरी दबाव, घेराबंदी और सैन्य दखल से मुक्त होकर रहने का अधिकार है। अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, ईरान ने कहा कि लगातार की जा रही सैन्य कार्रवाई और घेराबंदी से संकट का समाधान नहीं होगा और वह कूटनीतिक बातचीत के लिए तैयार है।
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरे घटनाक्रम पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ईरान अमेरिकी मध्यावधि चुनावों को प्रभावित करने का प्रयास कर रहा है। ट्रंप ने दावा किया कि चुनावों के तुरंत बाद यह संघर्ष समाप्त हो जाएगा क्योंकि विरोधी पक्ष लंबे समय तक टिकने की स्थिति में नहीं हैं।


