
Gumla protest news: गुमला जिले में हिंडाल्को कंपनी के खिलाफ चल रहा आंदोलन अब बेहद उग्र मोड़ पर पहुंच गया है। आंदोलन के 11वें दिन गुरुवार की रात तेज और झमाझम बारिश के बावजूद ग्रामीण पीछे हटने को तैयार नहीं हुए। पानी में भीगते हुए भी आंदोलनकारी धरना स्थल पर डटे रहे और देर रात बैठक कर आगे की रणनीति पर बड़ा फैसला लिया।

आज से ठप रहेगा बॉक्साइट ट्रकों का परिचालन
आंदोलनकारियों ने बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया है कि 25 सितंबर से क्षेत्र के किसी भी माइनिंग एरिया से बॉक्साइट ट्रकों को गुजरने नहीं दिया जाएगा। सेरेंदाग, बिमरला, कुजाम और अमतीपानी समेत सभी प्रमुख खनन क्षेत्रों से निकलने वाले बॉक्साइट लदे ट्रकों को आंदोलन स्थल पर ही रोक दिया जाएगा।

52 सालों से जारी है सड़क की मांग, वादे से मुकरी कंपनी
ग्रामीणों का कहना है कि वे पिछले 52 सालों से इलाके में सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं। उनके पूर्वजों ने भी इस हक के लिए लड़ाई लड़ी, लेकिन समस्या का समाधान आज तक नहीं हुआ। आंदोलनकारियों का आरोप है कि कुछ दिन पहले उपायुक्त (DC) की मौजूदगी में हिंडाल्को के जीएम और अधिकारियों के साथ वार्ता हुई थी, जिसमें एक हफ्ते के अंदर सड़क निर्माण शुरू कराने का ठोस आश्वासन मिला था। लेकिन समय बीत जाने के बाद भी काम शुरू नहीं हुआ, जिससे ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा।
केवल बॉक्साइट ट्रकों पर रोक, आम जनता को मिलेगी पूरी छूट
आंदोलनकारियों ने आम लोगों की सहूलियत का ध्यान रखते हुए यह साफ कर दिया है कि उनका विरोध केवल हिंडाल्को कंपनी और उसके बॉक्साइट परिवहन से है। इस दौरान यात्री बसों, छोटी गाड़ियों, एम्बुलेंस और आम जनता के आवागमन पर कोई रोक नहीं रहेगी। ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक सड़क निर्माण का काम धरातल पर शुरू नहीं होता, तब तक बॉक्साइट का ट्रांसपोर्टेशन पूरी तरह बंद रहेगा।


