
सहरसा। पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने शनिवार को सहरसा जिले के विभिन्न बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और इलाके में राहत एवं बचाव व्यवस्था की जानकारी ली।

बाढ़ प्रभावित लोगों ने सांसद के सामने सरकारी नावों के नियमित संचालन, आवागमन और राहत सामग्री से जुड़ी समस्याएं रखीं। पप्पू यादव ने संबंधित अधिकारियों से इन समस्याओं के समाधान की मांग की और बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने की व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए।

बाढ़ को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना
दौरे के दौरान पप्पू यादव ने बिहार में बाढ़ की स्थिति को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पूर्व में दिए गए बाढ़ से जुड़े बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव के दौरान बिहार को बाढ़ मुक्त करने सहित कई वादे किए जाते हैं, लेकिन आज भी राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ की समस्या बनी हुई है।
उन्होंने सरकारी योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन को लेकर भी सवाल उठाए। सांसद ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को सिर्फ घोषणाओं के बजाय समय पर राहत और जरूरी सुविधाएं मिलनी चाहिए।
चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त पर भी उठाए सवाल
सहरसा दौरे के दौरान पप्पू यादव ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी कई आरोप लगाए। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका और उनके परिवार के सदस्यों की सरकारी सेवाओं में नियुक्तियों से जुड़े सवाल उठाते हुए मामले की जांच की मांग की।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
मतदाता सूची की जांच के लिए समिति की मांग
पप्पू यादव ने मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि बड़ी संख्या में गरीब लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने इस मामले की जांच के लिए 9 या 11 सदस्यों की समिति गठित करने की मांग की।
सांसद ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग भी की। साथ ही उन्होंने चुनाव आयोग से संबंधित पत्रों पर कार्रवाई किए जाने की बात कही। पप्पू यादव ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री पर भी आरोप लगाए कि उनके संरक्षण में गरीब, दलित, पिछड़े, अति पिछड़े और बुजुर्गों के अधिकार प्रभावित हुए हैं। इन आरोपों पर प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री, चुनाव आयोग या मुख्य चुनाव आयुक्त की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
ऐसे में पप्पू यादव की ओर से लगाए गए आरोप फिलहाल उनके राजनीतिक बयान और दावे के रूप में हैं। संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया या किसी आधिकारिक जांच के बाद ही इन दावों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
(इंद्रदेव की रिपोर्ट)


