
Digital Desk Naxatra Samachar: देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इन दिनों अपने फैसलों और चुनाव आयोग के भीतर की खींचतान को लेकर लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। उनके साथ ही उनकी बड़ी बेटी और नोएडा की DM मेधा रूपम भी पिछले दिनों एक अदालती फैसले की वजह से खासी चर्चा में रहीं। लेकिन सियासी और प्रशासनिक बहसों से इतर इस परिवार की एक ऐसी पहचान भी है जो बेहद हैरान करने वाली है। देश की सत्ता और व्यवस्था जिन कुर्सियों से चलती है, इस एक ही परिवार के पास उन कुर्सियों की कोई कमी नहीं है। चुनाव आयोग के सबसे बड़े पद से लेकर जिलों की कलेक्टरी, टैक्स महकमे और पुलिस प्रशासन तक, ज्ञानेश कुमार के पूरे कुनबे में आला प्रशासनिक अफसरों का एक मजबूत नेटवर्क फैला हुआ है।



IIT से हार्वर्ड और फिर मुख्य चुनाव आयुक्त की कुर्सी
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के आगरा के रहने वाले ज्ञानेश कुमार 1988 बैच के केरल कैडर के आईएएस अधिकारी रहे हैं। प्रशासनिक सेवा में आने से पहले उनकी पढ़ाई भी अव्वल दर्जे की रही। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT कानपुर से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की और बाद में दुनिया की सबसे नामी हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से भी उच्च शिक्षा हासिल की। इसके बाद उन्होंने UPSC की कठिन परीक्षा पास की और बतौर IAS देश के कई अहम महकमों में अपनी सेवाएं दीं। प्रशासनिक सेवा से रिटायर होने के बाद साल 2024 में उन्हें देश का चुनाव आयुक्त नियुक्त किया गया था, जहां से वे पदोन्नत होकर मुख्य चुनाव आयुक्त के पद तक पहुंचे।

बड़ी बेटी नोएडा की DM तो दामाद संभाल रहे हैं आगरा की कमान
ज्ञानेश कुमार की प्रशासनिक विरासत उनकी अगली पीढ़ी में और भी मजबूती से आगे बढ़ी। उनकी बड़ी बेटी मेधा रूपम इस समय उत्तर प्रदेश के सबसे हाई-प्रोफाइल जिलों में से एक, गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) की जिलाधिकारी हैं। प्रशासनिक सेवा में आने से पहले मेधा रूपम शूटिंग में नेशनल लेवल की मेडल विजेता रह चुकी हैं। अर्थशास्त्र से स्नातक करने के बाद उन्होंने साल 2013 में UPSC परीक्षा में देश भर में 10वीं रैंक हासिल कर टॉप किया था। वहीं उनके पति यानी ज्ञानेश कुमार के बड़े दामाद मनीष बंसल भी यूपी कैडर के 2014 बैच के IAS अफसर हैं। आईआईटी दिल्ली से B.Tec और M.Tec करने वाले मनीष बंसल ने UPSC में 53वीं रैंक हासिल की थी और वे इस समय ताजनगरी आगरा में DM के पद पर तैनात हैं।

छोटी बेटी रेवेन्यू सर्विस में तो दूसरे दामाद भी हैं तेज तर्रार आईएएस
ज्ञानेश कुमार की दूसरी बेटी अभिश्री ने भी सिविल सेवा का ही रास्ता चुना। दिल्ली के मशहूर सेंट स्टीफन कॉलेज से पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने UPSC क्रैक किया और उनका चयन इंडियन रेवेन्यू सर्विस यानी IRS में हुआ। अभिश्री फिलहाल आयकर विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर काम कर रही हैं। अभिश्री के पति और ज्ञानेश कुमार के छोटे दामाद अक्षय लबरू भी भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। जम्मू-कश्मीर के रहने वाले अक्षय ने दिल्ली यूनिवर्सिटी और JNU से पढ़ाई की और 2017 में अपने पहले ही प्रयास में UPSC पास कर ली थी। ट्रेनिंग के दौरान ही दोनों की मुलाकात हुई थी और साल 2020 में दोनों शादी के बंधन में बंधे।

भाई से लेकर बहनोई तक, परिवार में वर्दी और रेवेन्यू का भी दबदबा
यह फेहरिस्त सिर्फ बेटियों और दामादों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि ज्ञानेश कुमार के खानदान में प्रशासनिक सेवाओं की जड़ें और भी गहरी हैं। उनके भाई मनीष कुमार भी केंद्र सरकार में एक वरिष्ठ IRS अधिकारी हैं और रेवेन्यू से जुड़े अहम पदों पर काम कर रहे हैं। वहीं उनके बहनोई उपेंद्र जैन 1991 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं। इस तरह देखें तो मुख्य चुनाव आयुक्त के पूरे परिवार में नीति निर्माण से लेकर जिलों की कानून व्यवस्था और राजस्व जुटाने तक की कमान देश के शीर्ष पदों पर बैठे उनके अपने ही करीबियों के हाथों में है।



