
Ranchi: रांची में विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर झारखंड में पर्यटन को बेहतर, सुरक्षित और रोजगार से जोड़ने की दिशा में एक खास पहल की गई। लातेहार टूरिज्म और कलाकृति हाट के संयुक्त आयोजन में डोरंडा काली मंदिर रोड स्थित कलाकृति हाट में 100 से अधिक ड्राइवर-कम-गाइड के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

सिर्फ वाहन चालक नहीं, गाइड की भी भूमिका
कार्यक्रम का मकसद ड्राइवरों को केवल वाहन चलाने तक सीमित रखने के बजाय उन्हें प्रशिक्षित ड्राइवर-कम-गाइड के रूप में तैयार करना था। इसके जरिए उन्हें झारखंड की कला, संस्कृति, पर्यटन स्थलों और पर्यटकों से बेहतर संवाद की जानकारी देने पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत लातेहार टूरिज्म के संस्थापक गोविंद पाठक और कलाकृति हाट के संस्थापक धनंजय कुमार समेत अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर की।
कला और संवाद का दिया गया प्रशिक्षण
कलाकृति हाट के संस्थापक और कलाकार धनंजय कुमार ने प्रतिभागियों को झारखंड की पारंपरिक कलाओं सोहाई, जादू पटुआ और कोहबर के साथ व्यक्तित्व विकास, संवाद और प्रभावी प्रस्तुतीकरण के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ड्राइवर-कम-गाइड पर्यटकों के सीधे संपर्क में रहते हैं, इसलिए उन्हें राज्य की कला, संस्कृति और पर्यटन की जानकारी से जोड़ना जरूरी है।
सड़क सुरक्षा से लेकर पर्यावरण तक की जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान रुद्र नारायण भंज देव ने पर्यटन प्रबंधन, ऋषभ आनंद ने सड़क सुरक्षा, संजय बॉस ने पर्यटन फोटोग्राफी और नितिश प्रियदर्शी ने पर्यावरण एवं जिम्मेदार पर्यटन से जुड़ी जानकारी दी।
इस दौरान प्रतिभागियों को पर्यटक व्यवहार, सुरक्षित यात्रा, झारखंड की लोक कला और संस्कृति, व्यक्तित्व विकास, प्रभावी संवाद, पर्यटन फोटोग्राफी और डिजिटल प्रचार के साथ पर्यावरण संरक्षण के बारे में भी जानकारी दी गई।
स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने पर जोर
आयोजकों का कहना है कि कलाकृति हाट आगे भी कला, संस्कृति, हस्तशिल्प और पर्यटन को जोड़ने वाले ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करेगा। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ झारखंड में पर्यटन को और बेहतर तरीके से आगे बढ़ाना है।


