
Ranchi: राजधानी रांची में नाबालिग के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म के चर्चित मामले में शनिवार को न्यायपालिका की ओर से बड़ा फैसला सामने आया है। POCSO Act (पॉक्सो एक्ट) के विशेष न्यायाधीश बीके श्रीवास्तव की अदालत ने सुनवाई करते हुए मुख्य अभियुक्त वीरभद्र गोस्वामी को दोषी करार दे दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद दोषी को मिलने वाली सजा की मियाद पर अब सभी की निगाहें टिक गई हैं। कोर्ट ने सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 29 सितंबर की तारीख मुकर्रर की है।

साक्ष्य के अभाव में दूसरा आरोपी हुआ बरी
इसी मामले में नामजद दूसरे आरोपी गिरधारी महतो को अदालत ने बड़ी राहत देते हुए बरी कर दिया है। अदालत ने पाया कि गिरधारी महतो के खिलाफ मामले में पर्याप्त और पुख्ता सबूत पेश नहीं किए जा सके, जिसके चलते उसे साक्ष्य के अभाव में रिहा करने का आदेश दिया गया। आपको बता दें कि इस सनसनीखेज वारदात को लेकर रांची जिले के सिल्ली थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद से ही कानूनी कार्रवाई तेज कर दी गई थी।

घटना के बाद से होटवार जेल में बंद हैं आरोपी
सिल्ली क्षेत्र में नाबालिग के साथ हुई इस खौफनाक वारदात के बाद पूरे इलाके में काफी आक्रोश देखने को मिला था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। घटना के बाद से ही दोनों आरोपी रांची के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में बंद हैं। दोषी करार दिए गए वीरभद्र गोस्वामी को अब 29 सितंबर तक जेल में ही अपनी सजा का इंतजार करना होगा, जहां अदालत उसके जुर्म के हिसाब से अंतिम सजा का ऐलान करेगी।


