
नई दिल्ली: भारत में हर दिन बड़ी संख्या में वाहन चालक ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हैं। नियम तोड़ने पर संबंधित वाहन के खिलाफ चालान जारी किया जाता है। कई मामलों में ऐसे लंबित चालानों के निपटारे के लिए लोक अदालत का सहारा लिया जा सकता है।

साल में कई बार होती है लोक अदालत
देश में समय-समय पर लोक अदालत का आयोजन किया जाता है, जहां विभिन्न प्रकार के लंबित मामलों के निपटारे का अवसर मिलता है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के कार्यक्रम के तहत साल में कई बार राष्ट्रीय लोक अदालत आयोजित की जाती है।

सितंबर में आयोजित लोक अदालत में यदि आप अपने लंबित ट्रैफिक चालान का निपटारा नहीं करा पाए हैं, तो अगली लोक अदालत का आयोजन 12 दिसंबर को किया जाना है। ऐसे में वाहन मालिकों के पास अपने पात्र लंबित मामलों को लोक अदालत के माध्यम से निपटाने का एक और अवसर होगा।
चालान के निपटारे के लिए क्या करें?
लोक अदालत में किसी मामले को रखने से पहले संबंधित व्यक्ति को अपने चालान और मामले की स्थिति की जानकारी जांच लेनी चाहिए। ट्रैफिक चालान से जुड़े मामलों में पात्रता और निपटारे की प्रक्रिया संबंधित न्यायिक प्राधिकरण या ट्रैफिक विभाग के नियमों के अनुसार होती है।
लोक अदालत में मामलों का निपटारा आपसी सहमति और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जाता है। इसलिए चालान से जुड़े मामले को लोक अदालत में ले जाने से पहले यह जांचना जरूरी है कि वह मामला लोक अदालत के माध्यम से निपटारे के लिए पात्र है या नहीं।


