
Giridih: गिरिडीह में SIR को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच कांग्रेस ने सोमवार को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले रविवार को जॉइंट प्रेसवार्ता की। इसमें पार्टी के स्वास्थ्य प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष OP नैय्यर, प्रदेश प्रवक्ता भागीरथ पासवान और जिला अध्यक्ष सतीश केडिया समेत कई नेता मौजूद रहे।

कांग्रेस नेताओं ने SIR को लेकर Election Commission की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और तीनों चुनाव आयुक्तों के इस्तीफे की मांग की। देशभर में विपक्षी दलों की ओर से CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग पहले से उठ रही है। वहीं Election Commission ने हाल में स्पष्ट किया है कि SIR से जुड़े फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

‘50 लाख मतदाताओं के नाम हटाने की तैयारी’
प्रदेश प्रवक्ता भागीरथ पासवान ने दावा किया कि SIR के जरिए झारखंड के करीब 50 लाख मतदाताओं के नाम हटाने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया का इस्तेमाल BJP के इशारे पर किया जा रहा है।
पासवान ने दावा किया कि SC, ST और अल्पसंख्यक समुदाय के मतदाता भी इससे प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, प्रेसवार्ता में किए गए इन दावों के समर्थन में कोई स्वतंत्र आंकड़ा या आधिकारिक दस्तावेज सामने नहीं रखा गया।
तीनों चुनाव आयुक्तों के इस्तीफे की मांग
भागीरथ पासवान ने कहा कि मौजूदा हालात में केवल CEC Gyanesh Kumar का इस्तीफा पर्याप्त नहीं होगा। उन्होंने तीनों चुनाव आयुक्तों से इस्तीफा देने की मांग की।
SIR को लेकर Election Commission के भीतर मतभेद की खबरों के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ा है। आयोग ने कहा है कि अलग-अलग विचार किसी भी बहु-सदस्यीय संस्था की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं और अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए।
BLO की भूमिका पर भी कांग्रेस ने उठाए सवाल
प्रेसवार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने BLO की भूमिका को लेकर भी आरोप लगाए। नेताओं ने दावा किया कि कुछ BLO BJP के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि BLO के साथ हुई मारपीट की घटना के मामले में पार्टी सक्रिय रही है।
प्रेसवार्ता में मनीर आलम, महमूद अली खान लड्डू, डॉक्टर समीर राज चौधरी, साबिर अली खान समेत कई कांग्रेस नेता मौजूद थे। कांग्रेस ने सोमवार के प्रदर्शन को लेकर कार्यकर्ताओं से शामिल होने की अपील की है। देशभर में कांग्रेस ने SIR और Election Commission की कार्यप्रणाली को लेकर 28 सितंबर को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन का कार्यक्रम घोषित किया है।


