
Khunti: खूंटी जिले में अपराधों की जांच प्रक्रिया को बेहतर बनाने और अदालतों में सजा की दर बढ़ाने के मकसद से आज एक दिवसीय कार्यशाला (वर्कशॉप) का आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केस की जांच में तकनीकी सुधार लाना और अदालत में केस को मजबूती से पेश करना था। इस दौरान पुलिस अधिकारियों को कानूनी पेचीदगियों से निपटने के तरीके बताए गए।

गंभीर मामलों की जांच और सबूत जुटाने पर हुई विस्तार से चर्चा
कार्यशाला में हत्या, पॉक्सो एक्ट, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस (ड्रग्स) एक्ट जैसे गंभीर मामलों पर गहराई से चर्चा की गई। मौके पर मौजूद लोक अभियोजक (सरकारी वकील) और खूंटी व्यवहार न्यायालय के अपर लोक अभियोजक ने पुलिस अधिकारियों को कानून के तकनीकी पहलुओं के बारे में बताया। उन्होंने समझाया कि किसी केस को अदालत में मजबूत बनाने के लिए शुरुआती जांच का सही होना कितना जरूरी है।

गवाह चुनने और जब्ती सूची बनाने की दी गई ट्रेनिंग
सत्र के दौरान पुलिस अधिकारियों को विशेष रूप से यह सिखाया गया कि आपराधिक मामलों में सही गवाह किसे बनाया जाए, घटना का सटीक समय कैसे दर्ज किया जाए और जब्ती सूची (सीजर लिस्ट) को नियम के अनुसार कैसे तैयार किया जाए। इसके अलावा, हत्या के मामलों में सबूत जुटाने और डॉक्टर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ उनका मिलान करने के सही तरीकों पर भी कानूनी जानकारी दी गई।
जिले के 33 पुलिस अधिकारियों ने लिया हिस्सा
इस प्रशिक्षण कार्यशाला में खूंटी के मुख्यालय पुलिस उपाधीक्षक (DSP), अनुमंडल पुलिस अधिकारी (SDPO), जिले के सभी थानों के प्रभारी और हर थाने से आए एक-एक पुलिस अधिकारी समेत कुल 33 अधिकारियों ने भाग लिया। पुलिस प्रशासन का मानना है कि इस ट्रेनिंग से भविष्य में केसों की जांच ज्यादा पारदर्शी और मजबूत होगी, जिससे अपराधियों को अदालत से सजा दिलाना आसान हो जाएगा।


