
Koderma: MMDR संशोधन को लेकर झारखंड में चल रही राजनीतिक बहस के बीच भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री और राज्यसभा सांसद प्रदीप वर्मा ने कोडरमा में प्रेस वार्ता की। उन्होंने संशोधन के प्रावधानों को लेकर BJP का पक्ष रखा और दावा किया कि इससे राज्य को नुकसान के बजाय आर्थिक और औद्योगिक स्तर पर फायदा होगा।

अतिरिक्त सेस को लेकर राज्य सरकार पर सवाल

प्रदीप वर्मा ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त सेस लगाए जाने के कारण झारखंड का कोयला महंगा हो गया था, जिससे खरीदारों की परेशानी बढ़ी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में अवैध गतिविधियां चल रही थीं।
उन्होंने कहा कि इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार MMDR में संशोधन लेकर आई है। उनके मुताबिक इसका उद्देश्य खनिज क्षेत्र में एक समान और स्थिर व्यवस्था बनाना है। केंद्र सरकार भी संशोधन को खनन क्षेत्र में लंबे समय की स्थिरता और निवेश को बढ़ावा देने वाला कदम बता चुकी है।
अवैध गतिविधियों पर रोक का दावा
प्रदीप वर्मा ने कहा कि संशोधन के बाद वैध तरीके से निकाले जाने वाले कोयले की कीमत कम होने की उम्मीद है और अवैध गतिविधियों पर भी लगाम लगेगी। उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि वह इन गतिविधियों पर रोक लगने की आशंका के कारण MMDR संशोधन का विरोध कर रही है।
इन आरोपों पर राज्य सरकार की ओर से अलग रुख सामने आया है। झारखंड सरकार लगातार खनन पर सेस लगाने का अधिकार राज्यों को वापस देने की मांग कर रही है।
राज्य सरकार के पास राजस्व बढ़ाने के दूसरे रास्ते भी : प्रदीप वर्मा
भाजपा नेता ने कहा कि राज्य सरकार के पास अपना आंतरिक राजस्व बढ़ाने के कई दूसरे रास्ते हैं। उनके मुताबिक उन विकल्पों पर काम करने के बजाय सरकार MMDR संशोधन को लेकर केंद्र के खिलाफ लोगों के बीच भ्रम पैदा कर रही है।
विधायक भी रहे मौजूद
कोडरमा पहुंचने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदीप वर्मा का स्वागत किया। प्रेस वार्ता के दौरान कोडरमा विधायक डॉ. नीरा यादव और बरकट्ठा विधायक अमित यादव भी मौजूद रहे।
MMDR Amendment Act, 2026 को संसद के दोनों सदनों ने अगस्त 2026 में पारित किया था। केंद्र सरकार का कहना है कि संशोधन से राज्यों के भूमि और खनिज संबंधी अधिकार खत्म नहीं होते और खनन से मिलने वाले राजस्व में राज्यों की बड़ी हिस्सेदारी जारी रहेगी, जबकि झारखंड में इसे लेकर राज्य के राजस्व और खनिज संबंधी अधिकारों का मुद्दा उठाया गया है।


