
Giridih: सोमवार को गिरिडीह में पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त, SIR (SIR) मामले और MMDR बिल समेत कई ज्वलंत मुद्दों को लेकर कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर करारा हमला बोला। प्रेसवार्ता में पूर्व मुख्यमंत्री के साथ भाजपा महानगर अध्यक्ष रंजीत राय, चुन्नुकांत, नवीन सिन्हा और सिकंदर हेंब्रम भी मुख्य रूप से मौजूद रहे।

राहुल गांधी पर कसा तंज, कहा- भटके हुए मुसाफिर जैसी हुई हालत

पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने कहा कि चुनाव आयोग के तीनों आयुक्तों ने एक साथ सामने आकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। उन्होंने साफ कर दिया कि एसआईआर (SIR) समेत तमाम अहम फैसलों में तीनों आयुक्तों की सर्वसम्मति थी और कोई भी निर्णय एकतरफा नहीं लिया गया। मरांडी ने कहा कि इसके बावजूद नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और पूरा विपक्ष सिर्फ एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के आधार पर चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांग रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी की हालत एक भटके हुए मुसाफिर जैसी हो गई है, जिन्हें कोई कुछ भी कह दे, वे उसे मानकर केंद्र सरकार पर हमला करने लगते हैं। उन्होंने अंदेशा जताया कि कहीं 2029 के चुनाव में राहुल गांधी ही ‘इंडी’ गठबंधन के खत्म होने की वजह न बन जाएं।
MMDR बिल का विरोध सिर्फ झारखंड में क्यों?
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए बाबूलाल मरांडी ने एमएमडीआर (MMDR) बिल के विरोध पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यह बिल देश और राज्य दोनों के हित में है, लेकिन समझ से परे है कि इसका विरोध सिर्फ झारखंड तक ही क्यों सीमित रखा गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि देश के कई अन्य राज्यों में भी कांग्रेस की सरकारें हैं, लेकिन वहां के नेता इस मुद्दे पर बिल्कुल चुप हैं।
विपक्ष पर लगाया भ्रम फैलाने का आरोप
बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि विपक्ष का कोई भी नेता आज तक MMDR बिल में कोई कमी या खामी साबित नहीं कर पाया है। इसके बावजूद केवल राजनीतिक लाभ उठाने और जनता को गुमराह करने के लिए इस बिल को लेकर बेवजह का हल्ला मचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश की जनता अब विपक्ष के इस रवैये को अच्छी तरह समझ चुकी है।


