
Giridih: गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र अंतर्गत खेतको निवासी प्रवासी मजदूर महेंद्र महतो की सऊदी अरब से अब तक स्वदेश वापसी नहीं हो सकी है। नवंबर 2025 से सऊदी अरब में फंसे महेंद्र की वतन वापसी में हो रही देरी के कारण उनके परिजनों की चिंता दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। करीब 10 महीने से अपने घर से दूर रहने के कारण परिवार बेसब्री से उनकी वापसी की राह देख रहा है।

कंपनी ने काम से निकाला, बकाया वेतन भी नहीं दिया
परिजनों के अनुसार, महेंद्र महतो रोजी-रोटी की तलाश में रोजगार के लिए सऊदी अरब गए थे। वहां पहुंचने के बाद एयरपोर्ट पर दवा से जुड़े एक मामले को लेकर उन्हें हिरासत में लिया गया था, हालांकि जांच-पड़ताल के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। इसके बाद उन्होंने करीब चार महीने तक एक कंपनी में काम किया। परिजनों का आरोप है कि बाद में कंपनी ने उन्हें काम से हटा दिया और उनका बकाया वेतन भी अब तक नहीं दिया गया है।

आर्थिक और कानूनी संकट में फंसा मजदूर
नौकरी छूटने के बाद महेंद्र के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है, साथ ही कानूनी प्रक्रिया की समस्या भी बनी हुई है। परिजनों का कहना है कि मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया लंबित रहने के कारण उनकी स्वदेश वापसी की फाइल आगे नहीं बढ़ पा रही है।
सरकार और विदेश मंत्रालय से मदद की गुहार
पीड़ित परिवार ने एक बार फिर केंद्र सरकार, विदेश मंत्रालय और रियाद स्थित भारतीय दूतावास से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने गुहार लगाई है कि महेंद्र को आवश्यक कानूनी और राजनयिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित भारत वापस लाया जा सके। वहीं, प्रवासी मजदूरों के हक में आवाज उठाने वाले समाजसेवी सिकंदर अली ने भी सरकार से इस मामले में त्वरित संज्ञान लेने और मजदूर की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित कराने की अपील की है।


