
भागलपुर/कहलगांव: भागलपुर जिले के कहलगांव स्थित एनटीपीसी में 14 से 28 सितंबर 2026 तक आयोजित हिंदी पखवाड़ा का सोमवार को उल्लासपूर्ण माहौल में समापन हुआ। समापन समारोह में परियोजना प्रमुख रविंद्र शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में नराकास, कहलगांव के सदस्य, एनटीपीसी के कर्मचारी, दीप्तिनगर परिसर की गृहणियां, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवान और विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

हिंदी प्रतियोगिताओं के विजेताओं को किया गया सम्मानित
हिंदी पखवाड़ा के दौरान एनटीपीसी कर्मचारियों, दीप्तिनगर परिसर की गृहणियों, सीआईएसएफ कर्मियों और स्कूली बच्चों के लिए विभिन्न हिंदी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतिभागियों ने इन प्रतियोगिताओं में उत्साह के साथ हिस्सा लिया।

समापन समारोह के दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार, प्रमाण-पत्र और हिंदी की पुस्तकें देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के जरिए हिंदी के प्रयोग को कार्यस्थल और दैनिक जीवन में बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।
‘बिदेसिया’ की प्रस्तुति रही कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण
समारोह का विशेष आकर्षण प्रसिद्ध भोजपुरी लोकनाट्यकार भिखारी ठाकुर की कालजयी कृति ‘बिदेसिया’ की प्रस्तुति रही। नाटक के माध्यम से लोकजीवन, सामाजिक सरोकारों और मानवीय भावनाओं को प्रभावशाली तरीके से मंच पर प्रस्तुत किया गया। प्रस्तुति को उपस्थित दर्शकों ने सराहा। परियोजना प्रमुख रविंद्र शर्मा ने हिंदी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति, संवेदनाओं और सामाजिक जुड़ाव को मजबूत करने वाली भाषा भी है। उन्होंने दैनिक कार्य और जीवन में हिंदी के प्रयोग को लगातार बढ़ावा देने पर जोर दिया।
स्वच्छता पखवाड़ा को लेकर भी दिया जागरूकता का संदेश
समारोह के दौरान एनटीपीसी में चल रहे स्वच्छता पखवाड़ा का भी उल्लेख किया गया। स्वच्छता के प्रति जागरूकता, व्यक्तिगत जिम्मेदारी और स्वच्छ एवं स्वस्थ कार्यस्थल के निर्माण में सामूहिक सहभागिता के महत्व पर जोर दिया गया।
एनटीपीसी के पीआरओ सह नैगम संचार के प्रबंधक चेव्वाकुला श्रीकांत ने कहा कि हिंदी पखवाड़ा का सफल आयोजन यह संदेश देता है कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि लोगों को जोड़ने और सांस्कृतिक मूल्यों को जीवंत रखने का प्रभावी माध्यम भी है।
(अतीश दीपंकर की रिपोर्ट)


