
Jamtara: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान मतदाता सूची में पारदर्शिता बनाए रखने और पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने की मांग को लेकर रविवार को जामताड़ा के गांधी चौक पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व करते हुए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने केंद्र सरकार और भारतीय निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए।

मुख्य चुनाव आयुक्त पर साठगांठ का आरोप
धरना सभा को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार भाजपा के इशारे पर मतदाता सूची से जायज वोटरों के नाम हटाने की साजिश कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इससे पहले बिहार और पश्चिम बंगाल में बड़े पैमाने पर पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से गायब किए गए हैं और अब उसी तर्ज पर झारखंड में भी ऐसी कोशिश की जा रही है।

राहुल गांधी के वोट चोरी के मुद्दे का किया समर्थन
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी काफी समय से देश में ‘वोट चोरी’ का मुद्दा उठा रहे थे, जिस पर अब पूरे देश में गंभीर चर्चा शुरू हो गई है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के पूर्व प्रशासनिक कार्यकाल के फैसलों का भी जिक्र करते हुए उनकी निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए।
युवाओं को मताधिकार से वंचित करने का लगाया आरोप
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि एसआईआर (SIR) की वर्तमान प्रक्रिया को लेकर राज्य का युवा वर्ग काफी चिंतित है। उन्होंने आरोप लगाया कि 18 से 22 वर्ष की आयु वर्ग के नए और युवा मतदाताओं (‘जेनरेशन-जी’) को सोची-समझी रणनीति के तहत मताधिकार से वंचित करने की कोशिश हो रही है। धरना के दौरान वक्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और मतदाता सूची से काटे गए सभी पात्र नागरिकों के नाम पुनः जोड़ने की पुरजोर मांग की।


