
Garhwa: साइबर अपराध के लगातार बढ़ते खतरों को देखते हुए गढ़वा पुलिस ने स्कूली बच्चों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। इसी कड़ी में नगर ऊंटारी थाना क्षेत्र स्थित +2 उच्च विद्यालय में थाना प्रभारी अविनाश राज के नेतृत्व में एक दिवसीय साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक, शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं शामिल हुए।

‘डिजिटल अरेस्ट’ का सच: पुलिस ने किया जागरूक
अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’, ऑनलाइन धमकी और ब्लैकमेलिंग जैसे आधुनिक साइबर अपराधों के तरीकों के बारे में विस्तार से बताया। थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ नाम की कोई भी कानूनी प्रक्रिया देश में नहीं है। पुलिस या सीबीआई (CBI), ईडी (ED), एनसीबी (NCB) जैसी कोई भी जांच एजेंसी वीडियो कॉल के जरिए किसी को हिरासत में नहीं लेती और न ही पैसे की मांग करती है।

ठगी से बचने के लिए दिए गए ये अहम टिप्स
पुलिस ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को सलाह दी कि ऐसी कोई भी संदिग्ध कॉल आने पर घबराने के बजाय तुरंत फोन काट दें और पुलिस को सूचित करें। इसके साथ ही अपना ओटीपी (OTP), बैंक पासवर्ड या यूपीआई पिन (UPI PIN) किसी से साझा न करने, सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी सीमित रखने और अनजान लिंक या फर्जी APK फाइल डाउनलोड न करने की हिदायत दी गई।
साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत
पुलिस ने बताया कि यदि कोई साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो शुरुआती कुछ मिनट बेहद कीमती होते हैं। ऐसी स्थिति में पीड़ित तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या official portal cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। समय रहते सूचना मिलने पर ठगी की राशि को बैंक स्तर पर ही फ्रीज कराया जा सकता है। गढ़वा पुलिस का यह अभियान छात्रों को जिम्मेदार और सुरक्षित डिजिटल नागरिक बनाने की दिशा में एक सराहा जाने वाला कदम है।


