
बेतिया: पश्चिम चंपारण के लौरिया विधानसभा क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति और राहत-बचाव कार्यों को लेकर विधायक विनय बिहारी मंगलवार को बेतिया कलेक्ट्रेट पहुंचे। जिलाधिकारी तरनजोत सिंह से मुलाकात का इंतजार करने के बाद शाम करीब पांच बजे तक बातचीत नहीं होने पर विधायक कलेक्ट्रेट के पोर्टिको में धरने पर बैठ गए। इस घटनाक्रम की पुष्टि स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में भी की गई है।

विनय बिहारी ने कहा कि वह बाढ़ प्रभावित लोगों की समस्याओं और अपनी मांगों को लेकर जिलाधिकारी से बातचीत करना चाहते थे। धरने पर बैठने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री के आने तक धरना जारी रखने की बात कही।

बाढ़ प्रभावित घोषित करने की मांग
विधायक ने लौरिया और योगापट्टी क्षेत्र को बाढ़ प्रभावित घोषित करने की मांग उठाई है। इससे पहले भी उन्होंने प्रभावित इलाकों के परिवारों को राहत और मुआवजा दिलाने तथा क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वे कराने की मांग की थी।
विनय बिहारी ने दावा किया कि योगापट्टी की कई पंचायतों और लौरिया प्रखंड के कई गांव बाढ़ और कटाव से प्रभावित हैं। उन्होंने प्रभावित परिवारों को सरकारी राहत और मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है। इन आंकड़ों और दावों की स्वतंत्र प्रशासनिक पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं की गई है।
नाव, राहत सामग्री और सामुदायिक रसोई की मांग
विधायक ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में पर्याप्त संख्या में नाव उपलब्ध कराने, सामुदायिक रसोई शुरू करने और प्रभावित परिवारों को सूखा राशन व अन्य राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने बाढ़ से क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वे कराने, प्रभावित परिवारों को नियमानुसार सहायता देने और पशुधन के नुकसान के लिए मुआवजा उपलब्ध कराने की भी मांग रखी।
बाढ़ और कटाव से प्रभावित सड़कों तथा पुल-पुलियों की मरम्मत कराने की मांग भी विधायक ने उठाई। उनका कहना है कि आवागमन प्रभावित होने से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। उन्होंने भवानीपुर तटबंध समेत बाढ़ से प्रभावित संरचनाओं की स्थिति की समीक्षा और जरूरी मरम्मत कराने की मांग की है।
पहले भी सरकार के सामने उठा चुके हैं मुद्दा
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, विनय बिहारी ने बाढ़ प्रभावितों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री और आपदा प्रबंधन मंत्री से मुलाकात करने की बात कही है। उन्होंने प्रशासन से राहत और मुआवजे की प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग भी की थी।
कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठने के बाद विधायक ने कहा कि जब तक मुख्यमंत्री बाढ़ प्रभावित लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए नहीं आते, वह धरने पर बैठे रहेंगे। अब प्रशासन और सरकार की ओर से इस मामले में आगे क्या कदम उठाया जाता है, इस पर नजर रहेगी।


