
Women Rights: कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ होने वाले उत्पीड़न को रोकने और उनके लिए बराबरी के अधिकार सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गिरिडीह कोर्ट परिसर में देर शाम एक विशेष कार्यशाला (वर्कशॉप) का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ दीप जलाकर किया गया। इस कार्यशाला में SC (उच्चतम न्यायालय) की वरिष्ठ महिला अधिवक्ता विभा दत्ता मखीजा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुईं। वहीं गिरिडीह कोर्ट से प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (PDJ) मार्कंडेय प्रताप मिश्रा के अलावा कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश संतोष कुमार, ADJ प्रीति कुमारी, हरिओम कुमार, रविशंकर मिश्रा और CJM विनोद कुमार समेत कई वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी और अधिवक्ता मौजूद रहे।

दौर बदला पर माहौल क्यों नहीं: विभा दत्ता मखीजा
वर्कशॉप को संबोधित करते हुए SC की वरिष्ठ अधिवक्ता विभा दत्ता मखीजा ने कहा कि आज का दौर पूरी तरह बदल चुका है, इसके बावजूद देश भर में महिलाओं को कार्यस्थल पर उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हमें यह गहराई से समझने की जरूरत है कि आखिर ऐसा माहौल क्यों बना हुआ है और अब तक इसमें अपेक्षित बदलाव क्यों नहीं आया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं को हर वह अधिकार और बराबरी का सम्मान मिलना चाहिए, जिसकी वे हकदार हैं।

कोर्ट ही वह जगह जहां से मिलेगा सम्मान और इंसाफ
कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए DLSA सचिव सफदर अली ने बताया कि हालांकि यह कार्यशाला कुछ ही घंटों की थी, लेकिन SC की वरिष्ठ अधिवक्ता ने बेहद महत्वपूर्ण और व्यावहारिक जानकारियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि उत्पीड़न की शिकार महिलाओं को इंसाफ के लिए कहां और कैसे कदम बढ़ाना चाहिए, और कोर्ट ही वह सबसे महत्वपूर्ण स्थल है जहां से उन्हें उनका खोया सम्मान और न्याय मिल सकता है। वहीं बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रकाश सहाय ने इस आयोजन को बेहद खास बताते हुए कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में बदलाव की सख्त जरूरत है और उत्पीड़न सह रही महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना बेहद जरूरी है।


