
पश्चिम चंपारण: बाढ़ प्रभावित लोगों की राहत और मुआवजे से जुड़ी मांगों को लेकर पश्चिम चंपारण में जारी सियासी गतिविधि के बीच चनपटिया के कांग्रेस विधायक अभिषेक रंजन ने लौरिया के भाजपा विधायक विनय बिहारी से मुलाकात की। विनय बिहारी बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं को लेकर बेतिया समाहरणालय परिसर में धरने पर बैठे थे। इससे पहले उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए पर्याप्त राहत और मुआवजे की मांग उठाई थी।

विनय बिहारी से मिले अभिषेक रंजन
अभिषेक रंजन ने धरना स्थल पर पहुंचकर विनय बिहारी से मुलाकात की और बाढ़ प्रभावित लोगों की समस्याओं तथा राहत व्यवस्था को लेकर चर्चा की। दोनों विधायकों के बीच प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर बातचीत हुई।

विनय बिहारी की ओर से पहले भी लौरिया और योगापट्टी क्षेत्र को बाढ़ प्रभावित घोषित करने, प्रभावित परिवारों को राहत एवं मुआवजा देने तथा क्षतिग्रस्त मकानों का सर्वे कराने जैसी मांगें उठाई गई थीं।
CM सम्राट चौधरी ने किया फोन
धरना स्थल पर कांग्रेस विधायक के पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से विनय बिहारी को फोन किए जाने की बात सामने आई। फोन पर बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने और संबंधित मुद्दों पर बातचीत का आश्वासन दिए जाने के बाद विनय बिहारी ने अपना धरना समाप्त कर दिया। इससे पहले विनय बिहारी ने कहा था कि प्रभावित लोगों को पर्याप्त राहत नहीं मिलने की स्थिति में वह कलेक्ट्रेट परिसर में धरना देंगे।
धरना समाप्त करने के बाद विनय बिहारी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को पर्याप्त पॉलिथीन, राशन और अन्य जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य तेज करने की मांग की।
विनय बिहारी इससे पहले भी दावा कर चुके हैं कि योगापट्टी और लौरिया के कई इलाके बाढ़ से प्रभावित हैं और प्रभावित परिवारों को अपेक्षित राहत नहीं मिल रही है। इन दावों में बताए गए प्रभावित गांवों और नुकसान के आंकड़ों की स्वतंत्र प्रशासनिक पुष्टि अलग से उपलब्ध नहीं है।
बाढ़ के बीच बढ़ी प्रशासनिक चुनौती
पश्चिम चंपारण में बाढ़ और कटाव की स्थिति को लेकर हाल के दिनों में राहत, मुआवजे और प्रभावित क्षेत्रों के सर्वे की मांग उठती रही है। क्षेत्र में तटबंध और जलस्तर से जुड़ी स्थिति को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां भी जारी हैं।
अब मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद विनय बिहारी का धरना समाप्त हो गया है। बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत और मुआवजे को लेकर प्रशासन की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी।


