
Bokaro: बोकारो स्टील प्लांट (BSL) के जर्जर घोषित किए गए सरकारी आवासों को खाली कराने का विवाद बुधवार को अचानक काफी गरमा गया। आवास बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने BSL के ED (P&A) राज श्री बनर्जी के सरकारी आवास का घेराव करते हुए जमकर नारेबाजी की और विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान उग्र आंदोलनकारियों ने पुलिस द्वारा लगाई गई बैरिकेडिंग तोड़ दी और आवास परिसर के अंदर दाखिल हो गए। स्थिति को बिगड़ता देख मौके पर आनन-फानन में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

वैकल्पिक आवासों की खस्ता हालत पर भड़के लोग

दरअसल, BSL प्रबंधन की ओर से सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए जर्जर घोषित हो चुके क्वार्टरों को खाली कराने की प्रक्रिया चलाई जा रही है। इसके विरोध में उतरे आवास बचाओ संघर्ष समिति के सदस्यों का आरोप है कि जिन निवासियों को खाली कराने के बदले वैकल्पिक क्वार्टर अलॉट किए जा रहे हैं, उनकी हालत भी बेहद बदतर और जर्जर है। समिति का साफ कहना है कि पहले नए वैकल्पिक आवासों की पूरी तरह से मरम्मत कराई जाए और रहने लायक स्थिति बनने के बाद ही लोगों को वहां शिफ्ट किया जाए।
महिला की बिगड़ी तबीयत, ईडी आवास पर वार्ता की मांग
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और उग्र आंदोलनकारियों के बीच काफी देर तक धक्का-मुक्की और तनाव की स्थिति बनी रही। इसी गहमागहमी के बीच प्रदर्शन में शामिल एक बुजुर्ग महिला बेबी कुमारी की अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें फौरन इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। मामले को शांत कराने के मकसद से स्थानीय प्रशासन ने टू टैंक गार्डन में बैठक और बातचीत का ऑफर दिया, लेकिन आंदोलनकारी ED के आवास के सामने ही वार्ता करने की जिद पर अड़े रहे।
169 ब्लॉक जर्जर, मरम्मत कराने को तैयार प्रबंधन
वहीं पूरे मामले पर BSL के चीफ ऑफ कम्युनिकेशन मणिकांत धान ने पक्ष रखते हुए बताया कि सुरक्षा ऑडिट और जांच के दौरान सेक्टर-12 के करीब 169 ब्लॉक पूरी तरह से जर्जर और खतरनाक पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रबंधन वैकल्पिक तौर पर दिए जाने वाले आवासों की मरम्मत कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। फिलहाल आवासों को खाली कराने को लेकर प्रबंधन और स्थानीय निवासियों के बीच गतिरोध की स्थिति बरकरार है और पुलिस-प्रशासन मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने में जुटा हुआ है।


