
Ranchi: झारखंड में हॉकी के सुचारू संचालन और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर चल रहा विवाद अब कोर्ट की चौखट तक पहुंच गया है। ‘हॉकी झारखंड’ के हाल ही में संपन्न हुए चुनावों की प्रक्रिया और इसके नतीजों को चुनौती देते हुए झारखंड हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई है। हाईकोर्ट की जुलाई 2026 की कॉज़ लिस्ट (कारण सूची) में इस केस से जुड़ी जानकारी दर्ज होने की बात सामने आई है, जिससे राज्य के खेल गलियारे में प्रशासनिक हलचल काफी तेज हो गई है।

दिसंबर 2026 तक चुनावों पर रोक के बाद भी इलेक्शन कराने का आरोप
याचिकाकर्ता ने अपनी अर्जी में गंभीर सवाल उठाते हुए तर्क दिया है कि भारत सरकार की ओर से खेल संघों के चुनावों पर दिसंबर 2026 तक साफ तौर पर रोक (स्टे) लगाई गई थी। आरोप है कि केंद्र सरकार के नियमों और प्रशासनिक निर्देशों को पूरी तरह से नजरअंदाज करते हुए हॉकी झारखंड के चुनाव जबरन करा दिए गए। प्रार्थी ने इन सभी बातों का हवाला देते हुए इस चुनाव को पूरी तरह से गैर-कानूनी और अवैध करार देने की मांग की है।

19 जुलाई 2026 को आए थे नतीजे, भोलानाथ सिंह बने थे अध्यक्ष
इस विवादित चुनाव के परिणाम 19 जुलाई 2026 को जारी किए गए थे, जिसमें भोलानाथ सिंह को एक बार फिर से अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हालांकि, नतीजों के सामने आते ही ‘हितों के टकराव’ (कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट) को लेकर सवाल उठने लगे।
एक साथ दो अहम पदों पर काबिज होने पर उठे सवाल
दरअसल, भोलानाथ सिंह पहले से ही राष्ट्रीय स्तर पर ‘हॉकी इंडिया’ के सचिव जैसे बड़े और जिम्मेदार पद पर कार्यरत हैं। राष्ट्रीय संस्था में सचिव रहने के साथ-साथ राज्य स्तर पर अध्यक्ष पद की कमान संभालना अब कानूनी जांच के दायरे में आ गया है।


