
Koderma News: मरकच्चो प्रखंड के एक सरकारी स्कूल से रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जहां दोपहर का भोजन करते ही अचानक चार दर्जन बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। बच्चे दर्द से बिलबिलाने लगे और देखते ही देखते पूरे स्कूल परिसर में चीख-पुकार मच गई। यह पूरा मामला मरकच्चो प्रखंड के जामू हरिजन टोला स्थित उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय का है। बुधवार को स्कूल में कुल 62 बच्चे पढ़ने आए थे। दोपहर में जब बच्चों को मिड-डे मील परोसा गया, तो उसके कुछ ही देर बाद एक के बाद एक बच्चे पेट दर्द की शिकायत करने लगे और जमीन पर गिरकर तड़पने लगे।

थाली खाली होते ही मच गई चीख-पुकार
जानकारी के मुताबिक बुधवार को स्कूल में बच्चों के लिए खाने में चावल, दाल और आलू-सोयाबीन की सब्जी तैयार की गई थी। खाना खाने के महज कुछ ही मिनटों के अंदर बच्चे पेट में तेज मरोड़ और दर्द से कराहने लगे। छोटे-छोटे बच्चों को दर्द से छटपटाते देख शिक्षकों और रसोइयों के हाथ-पांव फूल गए। स्कूल से बच्चों की रोने-चीखने की आवाजें सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत स्कूल की ओर दौड़े।

निजी वाहनों से आनन-फानन में पहुंचाया अस्पताल
मासूमों की बिगड़ती हालत को देखते हुए स्कूल प्रबंधन और ग्रामीणों ने जरा भी देर नहीं की। गांव में जो भी गाड़ियां और ऑटो मिले, उनमें बीमार बच्चों को लादकर तुरंत मरकच्चो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की टीम ने बिना वक्त गंवाए बच्चों का इमरजेंसी इलाज शुरू किया। बीमार पड़ने वाले सभी छात्र कक्षा 3 से लेकर 5 तक के हैं, जिनकी उम्र करीब 8 से 12 साल के बीच है। डॉक्टरों की कड़ी मेहनत और करीब एक घंटे तक चले सघन इलाज के बाद बच्चों के दर्द में राहत मिली और अब सभी की हालत खतरे से बाहर और सामान्य बताई जा रही है।
फूड प्वाइजनिंग की आशंका, जांच में जुटे आला अधिकारी
इतनी बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों के बीमार होने की खबर फैलते ही प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई। सूचना मिलते ही जिला शिक्षा अधीक्षक यानी DSE, अंचल अधिकारी यानी CO और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी यानी BEO सीधे अस्पताल पहुंचे। अफसरों ने अस्पताल के बेड पर लेटे बच्चों का हाल-चाल जाना और डॉक्टरों से उनकी सेहत की पूरी जानकारी ली। डॉक्टरों ने शुरुआती जांच में साफ तौर पर इसे फूड प्वाइजनिंग का केस बताया है। अब प्रशासन इस बात की तहकीकात कर रहा है कि बच्चों के खाने में गड़बड़ी कहां हुई, अनाज या सब्जी में खराबी थी या फिर खाना पकाने में कोई गंभीर लापरवाही बरती गई थी। अधिकारियों ने स्कूल के मिड-डे मील के सैंपल लेकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।


