
Ranchi: राजधानी रांची से कानून की कठोरता के बीच मानवीय संवेदना का एक बड़ा मामला सामने आया है। दहेज हत्या के गंभीर आरोप में जेल में बंद सिद्धार्थ साहू को अपनी मां के अंतिम संस्कार और क्रियाकर्म (श्राद्धकर्म) में शामिल होने के लिए कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। रांची के अपर न्याययुक्त पवन कुमार की अदालत ने आरोपी सिद्धार्थ की प्रोविजनल बेल (अस्थायी जमानत) अर्जी मंजूर कर ली है, जिससे वह अपनी मां को अंतिम विदाई देने के लिए कुछ दिनों के लिए जेल से बाहर आ सकेगा।

जून 2025 का है ओरमांझी का यह मामला
यह पूरा मामला रांची जिले के ओरमांझी थाना क्षेत्र स्थित आनंदी गांव से जुड़ा हुआ है। 26 जून 2025 को संगीता देवी नाम की महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। घटना के बाद मृतका के पिता देवनन्दन प्रसाद ने बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या कर देने का मामला दर्ज कराया था। इस केस में मृतका के पति सिद्धार्थ साहू और उसकी 63 वर्षीय मां बिलासो देवी को आरोपी बनाया गया था।

सह-आरोपी मां के निधन के बाद कोर्ट ने दी राहत
इस मामले में आरोपी मां बिलासो देवी पहले से ही जमानत पर बाहर चल रही थीं। लेकिन 29 सितंबर को अचानक बिलासो देवी का निधन हो गया। इस दुखद घटना के बाद जेल में बंद बेटे सिद्धार्थ साहू की ओर से मां के अंतिम संस्कार और धार्मिक रीति-रिवाज पूरे करने के लिए प्रोविजनल बेल की याचिका कोर्ट में दाखिल की गई थी।
अवधि पूरी होते ही कोर्ट में करना होगा सरेंडर
फिलहाल इस दहेज हत्या मामले की सुनवाई कोर्ट में अंतिम चरण यानी बहस के दौर में चल रही है। अदालत ने मानवीय आधार पर विचार करते हुए सिद्धार्थ को अस्थायी जमानत दे दी है। हालांकि, बेल की तय समय-सीमा पूरी होते ही सिद्धार्थ को दोबारा जेल जाकर अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण (सरेंडर) करना होगा।


