
Ranchi: सरकारी नौकरी से रिटायर होने के बाद पेंशन और दूसरे लाभ के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने की चिंता रांची के छह शिक्षकों को नहीं करनी पड़ी। नौकरी के आखिरी दिन ही उन्हें रिटायरमेंट से जुड़े सभी देय लाभ उपलब्ध करा दिए गए। इतना ही नहीं, परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में सम्मान के साथ उन्हें विदाई भी दी गई।

रांची समाहरणालय में बुधवार को DC मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में पेंशन दरबार सह सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान रिटायर हुए छह शिक्षकों को सम्मानित किया गया।

नौकरी का आखिरी दिन और हाथ में पूरा रिटायरमेंट बेनिफिट
रांची जिला प्रशासन ने ऐसी व्यवस्था बनाई है, जिसके तहत शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति वाले दिन ही उनके सभी रिटायरमेंट बेनिफिट देने का प्रयास किया जा रहा है।
इस व्यवस्था का मकसद यह है कि वर्षों तक सेवा देने के बाद कर्मचारियों को अपने ही पैसे और दूसरे देय लाभ के लिए अनावश्यक इंतजार नहीं करना पड़े।
जनवरी 2025 से चल रही है यह व्यवस्था
DC मंजूनाथ भजंत्री के निर्देश और मार्गदर्शन में जनवरी 2025 से रिटायर होने वाले शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के दिन ही सभी देय लाभ उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।
बुधवार को आयोजित पेंशन दरबार सह सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह इसका 21वां संस्करण रहा।
परिवार के सामने शिक्षकों को मिला सम्मान
समारोह की खास बात यह रही कि रिटायर होने वाले शिक्षकों के परिवार के सदस्य भी मौजूद थे। उनके सामने शिक्षकों को सम्मानित कर वर्षों की सेवा के लिए विदाई दी गई।
DC मंजूनाथ भजंत्री ने शिक्षकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षक केवल बच्चों को पढ़ाने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि उनके व्यक्तित्व और भविष्य को बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने सेवानिवृत्त शिक्षकों को जीवन की नई पारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी।
इन 6 शिक्षकों को दी गई विदाई
समारोह में राजकीय मध्य विद्यालय बुढ़मू के प्रधानाध्यापक प्रदीप भगत, उत्क्रमित उच्च विद्यालय उरुगुट्टू कांके के सहायक शिक्षक पोखराज प्रसाद सिन्हा और राजकीय मध्य विद्यालय बीआईटी मेसरा कांके की सहायक शिक्षिका पैशेंस तिर्की को सम्मानित किया गया।
इसके अलावा राजकीय मध्य विद्यालय सिमलिया रातू की सहायक शिक्षिका गीता कुमारी, राजकीय मध्य विद्यालय हेहल रातू की सहायक शिक्षिका संगीता रानी और राजकीय मध्य विद्यालय हिन्दू यूनाइटेड रांची-2 की सहायक शिक्षिका नूर बाखला को भी सम्मान के साथ विदाई दी गई।
रिटायरमेंट के बाद दफ्तरों के चक्कर से राहत देने की कोशिश
जिला प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों को उनके देय लाभ के लिए परेशान होने से बचाना है। कोशिश है कि सेवा के अंतिम दिन ही जरूरी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें सम्मान के साथ विदाई दी जाए।


