
Hazaribagh News: समाज में तेजी से फैल रहे नशे के जाल और साइबर फ्रॉड की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए हजारीबाग पुलिस ने युवाओं और छात्र-छात्राओं के बीच सीधा संपर्क साधना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में बुधवार को विष्णुगढ़ थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ अचानक प्लस टू उच्च विद्यालय विष्णुगढ़ पहुंचे और बच्चों के साथ विशेष संवाद सत्र आयोजित किया। पुलिस अफसरों ने स्कूली बच्चों को मोबाइल और इंटरनेट के जरिए होने वाली ठगी के नए-नए तरीकों से वाकिफ कराया और नशे के गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति आगाह किया।

साइबर ठगी के जाल और नशे के खतरों से बचने की सीख
जागरूकता सत्र के दौरान पुलिस पदाधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को बताया कि किस तरह साइबर अपराधी फर्जी लिंक, लॉटरी के झांसे और ओटीपी पूछकर लोगों के बैंक खाते खाली कर रहे हैं। पुलिस ने बच्चों से कहा कि वे किसी भी अनजान कॉल या मैसेज के झांसे में न आएं और घर के बड़ों को भी सतर्क रखें। इसके साथ ही कम उम्र में नशे की लत से जिंदगी बर्बाद होने के खतरों को गिनाते हुए उन्हें इससे हमेशा दूर रहने और पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी गई।

डायन प्रथा जैसी कुरीतियों और सड़क सुरक्षा पर कड़ा संदेश
कार्यक्रम में केवल ऑनलाइन अपराध ही नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाकों में आज भी मौजूद डायन-बिसाही जैसी सामाजिक कुरीतियों को जड़ से उखाड़ फेंकने पर जोर दिया गया। पुलिस ने विद्यार्थियों से कहा कि ऐसी किसी भी अंधविश्वासी गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी थाने को दें ताकि दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो सके। इसके अलावा सड़क सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने, बिना हेलमेट और बिना ड्राइविंग लाइसेंस के दोपहिया वाहन न चलाने की सख्त हिदायत दी गई।
पूरे जिले में लगातार चलेगा पुलिस का यह अभियान
हजारीबाग पुलिस का कहना है कि युवा पीढ़ी ही समाज में बदलाव की सबसे बड़ी वाहक है, इसलिए ऐसे जागरूकता कार्यक्रम स्कूलों, कॉलेजों और आम बस्तियों में लगातार चलाए जाएंगे। किसी भी संदिग्ध गतिविधि, आपराधिक हरकत या नशे के अवैध कारोबार की भनक लगते ही पुलिस को बेहिचक सूचना देने की अपील की गई है, ताकि समय रहते असामाजिक तत्वों पर नकेल कसी जा सके।


