
Jharkhand News: झारखंड के शहरी निकाय इलाकों के प्राथमिक विद्यालयों में सेवाएं दे रहे हजारों सहायक अध्यापकों यानी पारा शिक्षकों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। साल 2023 से लंबित पड़ी 4 फीसदी मानदेय वृद्धि का भुगतान अब जल्द ही उनके बैंक खातों में हो सकेगा। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने इस रुकावट को दूर करते हुए एक वैकल्पिक व्यवस्था को हरी झंडी दे दी है। विभागीय मंत्री की सहमति के बाद सरकार के सचिव उमा शंकर सिंह ने इस बाबत आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। यह नया फैसला नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत के अंतर्गत आने वाले सभी स्कूलों के पारा शिक्षकों पर लागू होगा।

निकाय चुनाव न होने से फंस गया था पेंच
साल 2021 की सहायक अध्यापक सेवाशर्त नियमावली में संशोधन करते हुए शहरी क्षेत्र के पारा शिक्षकों के लिए प्रशासनिक और अनुशासनिक प्राधिकार निर्धारित किया गया था। नियमों के मुताबिक इस बढ़ोतरी को लागू करने के लिए निकाय स्तर की कमेटियों की मंजूरी जरूरी थी। राज्य के शहरी निकायों में लंबे समय से चुनाव न होने की वजह से इन कमेटियों का गठन नहीं हो पाया, जिसके चलते 2023 से मिलने वाली 4 प्रतिशत की सालाना मानदेय वृद्धि ठंडे बस्ते में चली गई थी और शिक्षक लगातार अपने हक के लिए आवाज उठा रहे थे।

JEPC के फॉर्मूले पर सरकार ने लगाई मुहर
इस प्रशासनिक अड़चन को खत्म करने के लिए झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद यानी JEPC के राज्य परियोजना निदेशक ने सरकार को एक अंतरिम विकल्प का प्रस्ताव भेजा था। सरकार ने इस सुझाव को स्वीकार करते हुए शिक्षकों के मानदेय भुगतान का रास्ता पूरी तरह साफ कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत संबंधित जिले के उपायुक्त यानी DC की अध्यक्षता में गठित जिला कार्यकारिणी समिति से मानदेय बढ़ोतरी का अनुमोदन लेना अनिवार्य होगा। DC की कमेटी से मंजूरी मिलते ही शिक्षकों को एरियर के साथ बढ़ा हुआ मानदेय निर्गत कर दिया जाएगा।
चुनाव होने तक लागू रहेगी यह अस्थायी व्यवस्था
शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि यह केवल एक कामचलाऊ और अंतरिम व्यवस्था है ताकि शिक्षकों को आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े। जब भी राज्य में नगर निकाय चुनाव पूरे हो जाएंगे, तब इस व्यवस्था के तहत बांटे गए मानदेय की घटनोत्तर यानी पिछली तारीख से आधिकारिक स्वीकृति ले ली जाएगी। चुनाव संपन्न होने के उपरांत 24 सितंबर 2024 को जारी मूल अधिसूचना के आधार पर नियमित प्रक्रिया दोबारा प्रभावी हो जाएगी।


