
Chatra: चतरा स्थित जिला भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यालय में हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल ने एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और सत्तारूढ़ झामुमो-कांग्रेस गठबंधन पर जोरदार हमला बोला। सांसद ने राज्य सरकार पर खनन कानून ‘एमएमडीआर (MMDR) संशोधन अधिनियम 2026’ को लेकर जनता के बीच जानबूझकर गलतफहमी और डर का माहौल बनाने का गंभीर आरोप लगाया।

’90 प्रतिशत खनिज राजस्व राज्य के खजाने में ही रहेगा’
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने आंकड़ों और तथ्यों के साथ बात रखते हुए साफ किया कि नए MMDR एक्ट के लागू होने के बावजूद झारखंड की खनिज आय पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि राज्य से मिलने वाले कुल खनन राजस्व का लगभग 90 फीसदी बड़ा हिस्सा अब भी सीधे झारखंड सरकार के खजाने में ही जमा होगा।

‘मल्टी-लेवल टैक्स’ से बढ़ेगी महंगाई और घटेगा रोजगार
सांसद ने राज्य सरकार की मनमानी ‘मल्टी-लेवल टैक्स’ नीति की कड़े शब्दों में आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लगाए जा रहे अतिरिक्त करों से स्टील, पावर और कोयला उद्योगों की उत्पादन लागत काफी बढ़ जाएगी। लागत बढ़ने से न केवल राज्य में नया निवेश और युवाओं का रोजगार खतरे में पड़ेगा, बल्कि आम जनता पर भी महंगाई का चौतरफा बोझ पड़ेगा।
हजारों करोड़ के DMF फंड का हिसाब मांगे सरकार
भाजपा सांसद ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सीधा सवाल पूछते हुए कहा कि डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (DMF) मद के तहत राज्य को अब तक मिले हजारों करोड़ रुपये आखिर कहां खर्च किए गए? उन्होंने सरकार से सार्वजनिक रूप से जवाब देने की मांग की कि यह पैसा वास्तविक रूप से विस्थापितों, खनन प्रभावित गांवों, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं पर कितना खर्च हुआ है। इस दौरान चतरा भाजपा जिलाध्यक्ष रामदेव सिंह भोक्ता, मृत्युंजय सिंह, रूबी वर्मा और मुकेश सिंह समेत दर्जनों पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


