
Hazaribagh News : हजारीबाग के सदर अंचल अधिकारी (CO) के साथ हुई अभद्रता और दुर्व्यवहार के मामले में घटना के 12 दिन बीत जाने के बाद भी प्राथमिकी (FIR) दर्ज न होने से प्रशासनिक अधिकारियों में भारी आक्रोश है। झारखंड राज्य प्रशासनिक सेवा संघ (‘झासा’) की हजारीबाग जिला इकाई ने मामले को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाया है और पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की मांग को लेकर चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत कर दी है।

विरोध जताते हुए काम कर रहे हैं प्रशासनिक अधिकारी
आंदोलन के पहले चरण के तहत गुरुवार से जिले के सभी प्रशासनिक अधिकारी अपनी-अपनी बांहों पर काला बिल्ला लगाकर अपने सरकारी कार्यों का निष्पादन कर रहे हैं। संघ का साफ कहना है कि ऑन-ड्यूटी तैनात प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ इस तरह का दुर्व्यवहार कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे मामलों में कठोर कानूनी कार्रवाई बेहद जरूरी है।

FIR दर्ज न होने पर आंदोलन और तेज करने की चेतावनी
झासा की हजारीबाग जिला इकाई ने जिला प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि मामले में तुरंत प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी पूर्व मंत्री योगेंद्र साव के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में विरोध प्रदर्शन को और अधिक उग्र एवं तेज किया जाएगा।


