
Sports Desk: भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया है। 36 साल के स्टार स्पिनर का यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। हालांकि उन्होंने साफ कर दिया है कि वह सीमित ओवरों यानी वनडे और T20 क्रिकेट में खेलना जारी रखेंगे। चहल ने अपना आखिरी रेड-बॉल मैच ऐतिहासिक लॉर्ड्स मैदान पर इंग्लिश काउंटी टीम नॉर्थम्पटनशायर के लिए खेला था। सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक पोस्ट शेयर करते हुए चहल ने अपने इस बड़े फैसले से पर्दा उठाया और अपने दिल की बात बयां की।

‘टेस्ट कैप पहनना हमेशा मेरा सपना था, लेकिन…’

चहल ने अपने विदाई संदेश में लिखा कि उन्होंने 10 साल की उम्र में पहली बार हाथ में लाल गेंद थामी थी और तब उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि उन्हें इस खेल से इतना गहरा लगाव हो जाएगा। उन्होंने कहा कि रेड-बॉल क्रिकेट उनके लिए सिर्फ एक फॉर्मेट नहीं था, बल्कि यहीं उन्होंने संयम, संघर्ष और घंटों धूप में पसीना बहाकर एक-एक रन और विकेट के लिए लड़ना सीखा। लॉर्ड्स में अपने आखिरी मुकाबले का जिक्र करते हुए चहल बेहद भावुक दिखे। उन्होंने लिखा कि देश के लिए टेस्ट कैप पहनना हमेशा से उनका सबसे बड़ा सपना रहा, जो कई वर्षों तक उनके दिल में जिंदा रहा। भले ही यह सपना सच नहीं हो सका, लेकिन उन्हें अपने फर्स्ट क्लास करियर पर गर्व और संतोष है।

व्हाइट बॉल क्रिकेट में वापसी की भूख अब भी बाकी

रेड-बॉल से नाता टूटने के बावजूद चहल ने साफ लफ्जों में कहा कि उनका सफर यहीं खत्म नहीं हुआ है। देश के लिए नीली जर्सी में मैदान पर उतरने की भूख उनके अंदर आज भी जिंदा है। चहल ने भरोसा जताया कि उनके अंदर अभी काफी क्रिकेट बाकी है और वह वनडे व T20 टीम में दोबारा जगह बनाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक देंगे। इसके साथ ही उन्होंने हरियाणा क्रिकेट एसोसिएशन, रणबीर सिंह महिंद्रा और अनिरुद्ध सिंह चौधरी को अपने करियर में लगातार समर्थन और भरोसे के लिए दिल से धन्यवाद कहा।
शानदार रहा फर्स्ट क्लास रिकॉर्ड, चटकाए 148 विकेट
फर्स्ट क्लास क्रिकेट में चहल का करियर काफी प्रभावशाली रहा। उन्होंने 49 मैचों की 79 पारियों में गेंदबाजी करते हुए कुल 148 विकेट अपने नाम किए। 9,154 गेंदें फेंकते हुए उन्होंने 32.27 के बॉलिंग एवरेज और 3.13 की कसी हुई इकॉनमी से 4,777 रन खर्च किए। इस फॉर्मेट में उन्होंने छह बार एक पारी में पांच विकेट और आठ बार चार विकेट झटकने का कारनामा किया। उनका एक पारी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 44 रन देकर 6 विकेट और पूरे मैच में 99 रन देकर 9 विकेट रहा।
‘द लास्ट डांस’ पोस्ट से मची थी सनसनी
हाल ही में 23 सितंबर को चहल की एक रहस्यमयी पोस्ट ने क्रिकेट जगत में खलबली मचा दी थी। उन्होंने लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड की बालकनी से कुछ तस्वीरें साझा करते हुए सिर्फ इतना लिखा था— ‘द लास्ट डांस’। उस समय क्रिकेट फैंस कयास लगा रहे थे कि क्या चहल ने संन्यास का मन बना लिया है या यह सिर्फ उनके काउंटी सीजन के अंत का इशारा था। अब उनके आधिकारिक बयान से साफ हो गया है कि वह वाकई रेड-बॉल क्रिकेट में अपनी आखिरी पारी खेल चुके थे।
टीम इंडिया से लंबे वक्त से चल रहे हैं दूर
युजवेंद्र चहल लंबे अरसे से भारतीय राष्ट्रीय टीम से बाहर चल रहे हैं। उन्होंने भारत के लिए अपना आखिरी वनडे 24 जनवरी 2023 को न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था, जबकि आखिरी T20 इंटरनेशनल मैच 13 अगस्त 2023 को वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था। 2024 के T20 वर्ल्ड कप स्क्वॉड में उन्हें शामिल तो किया गया था, लेकिन पूरे टूर्नामेंट के दौरान वह बेंच पर ही बैठे रहे और प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं बना पाए। अंतरराष्ट्रीय करियर में चहल ने 72 वनडे मैचों में 121 विकेट और 80 T20 इंटरनेशनल मैचों में 96 विकेट चटकाए हैं, लेकिन उन्हें कभी भी टेस्ट क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका नहीं मिल सका। फ्रेंचाइजी और घरेलू क्रिकेट में सक्रिय चहल अब पूरा ध्यान लिमिटेड ओवर्स फॉर्मेट पर लगाएंगे।


