
Bangladeshi Infiltration: झारखंड में विदेशी घुसपैठियों, खासकर बांग्लादेशी नागरिकों की मौजूदगी और उनकी संदिग्ध गतिविधियों को लेकर पुलिस मुख्यालय पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। केंद्रीय और राज्य स्तरीय सुरक्षा एजेंसियों से मिले बेहद संवेदनशील इनपुट्स के बाद पुलिस मुख्यालय ने प्रदेश के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) को अलर्ट जारी किया है। मुख्यालय ने सभी SPs को अपने-अपने इलाकों में रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान करने, उनकी गतिविधियों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने और एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर तुरंत मुख्यालय भेजने का कड़ा फरमान सुनाया है।

9 बांग्लादेशियों की एंट्री से मचा हड़कंप, 3 करवा रहे थे इलाज
पुलिस मुख्यालय को मिली शुरुआती और गोपनीय जानकारी के मुताबिक झारखंड में हाल ही में 9 बांग्लादेशी नागरिकों के प्रवेश करने का पुख्ता इनपुट हाथ लगा था। जांच में पता चला है कि इनमें से 3 नागरिक वापस लौट चुके हैं, जबकि 3 लोग फिलहाल राज्य के अलग-अलग ठिकानों पर छिपकर अपना इलाज करा रहे हैं। वहीं बाकी 3 के वापस बॉर्डर पार जाने की फिराक में होने की जानकारी पुलिस को मिली है। ये सभी लोग कई दिनों से झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में डेरा डाले हुए थे, जिससे सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं।

संताल परगना में फर्जी कागजात, शादी और धर्मांतरण का गंभीर आरोप
सुरक्षा एजेंसियों ने विशेष रूप से संताल परगना के संवेदनशील जिलों— साहिबगंज, जामताड़ा, देवघर और दुमका में बांग्लादेशी नागरिकों की अवैध मौजूदगी को लेकर बेहद गंभीर इनपुट साझा किए हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि घुसपैठिए फर्जी आधार, वोटर आईडी और अन्य जाली दस्तावेजों के सहारे यहां अपनी जड़ें जमा रहे हैं। यही नहीं, आदिवासी महिलाओं से शादी करने और सुनियोजित तरीके से धर्म परिवर्तन कराने जैसे गंभीर सिंडिकेट से जुड़े तथ्य भी एजेंसियों ने पुलिस के साथ साझा किए हैं, जिसने पूरे मामले को बेहद संवेदनशील बना दिया है।
SPs जुटा रहे पूरी कुंडली, मुख्यालय स्तर से तय होगा बड़ा एक्शन
इनपुट्स की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को ढिलाई न बरतने की सख्त हिदायत दी है। जिलों से मांगी जा रही रिपोर्ट में संबंधित संदिग्ध व्यक्ति की असली पहचान, वह झारखंड में कब से और किसके ठिकाने पर रह रहा है, उसका स्थानीय पता, उसकी रोजमर्रा की गतिविधियां और वर्तमान स्थिति का पूरा कच्चा-चिट्ठा शामिल होगा। पुलिस मुख्यालय का कहना है कि जिलों से रिपोर्ट मिलते ही राज्य स्तर पर उच्चस्तरीय समीक्षा की जाएगी और अवैध रूप से रह रहे सभी विदेशी नागरिकों को चिन्हित कर उनके खिलाफ देश निकाला और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होगी।


