
JSSC-CGL Jharkhand: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग यानी JSSC की CGL परीक्षा में पेपर लीक और धांधली की जांच कर रही CID ने सिंडिकेट की कमर तोड़ते हुए शुक्रवार को एक और बड़ी गिरफ्तारी की है। जांच एजेंसी ने बोकारो के हरला थाना क्षेत्र निवासी मिथिलेश कुमार पांडेय को रांची में लंबी पूछताछ के बाद दबोच लिया। पकड़ा गया आरोपी परीक्षा संचालन एजेंसी ICN के संचालक मिथिलेश सिंह का बेहद करीबी और भरोसेमंद राजदार बताया जा रहा है। इस गिरफ्तारी के साथ ही JSSC CGL पेपर लीक कांड में जेल जाने वाले आरोपियों की कुल संख्या अब बढ़कर 38 हो गई है।

दुग्धा के गुप्त सेंटर पर ले जाकर रटवाए थे पर्चे
CID की तफ्तीश में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि मिथिलेश कुमार पांडेय ने तीन से चार अभ्यर्थियों से नौकरी दिलाने के नाम पर मोटी रकम की उगाही की थी और उनकी सीधी सेटिंग कराई थी। वह अभ्यर्थियों को खुद गाड़ी में बैठाकर बोकारो के दुग्धा स्थित उस सीक्रेट सेफ हाउस में लेकर गया था, जहां गिरोह के मास्टरमाइंड अभय कुमार तिवारी ने परीक्षा से ठीक पहले लीक प्रश्न-पत्र के उत्तर तोते की तरह रटवाए थे। CID को अभ्यर्थियों से लिए गए पैसों के सीधे और पुख्ता सबूत हाथ लग चुके हैं। जांच से यह भी साफ हुआ है कि पांडेय ने अभ्यर्थियों से वसूली गई भारी रकम एजेंसी संचालक मिथिलेश सिंह तक पहुंचाई थी।

एक दिन पहले रितेश हुआ था गिरफ्तार, कड़ियों से जुड़ी कड़ियां
गौरतलब है कि ठीक एक दिन पहले ही CID की विशेष टीम ने ICN संचालक के रिश्तेदार रितेश कुमार सिंह को बोकारो से गिरफ्तार किया था, जिस पर 30 से अधिक अभ्यर्थियों को प्रश्न-उत्तर याद कराने और सिंडिकेट चलाने का संगीन आरोप है। वहीं ICN एजेंसी के दो पूर्व में गिरफ्तार कर्मियों, सोमांश प्रकाश और राहुल से रिमांड पर हुई कड़ी पूछताछ में मिथिलेश पांडेय और पूरे गिरोह के नेटवर्क का कच्चा-चिट्ठा सामने आया था। इसी लीड पर काम करते हुए जांच एजेंसी ने मिथिलेश पांडेय को अपने रडार पर लिया और पूछताछ के दौरान झूठ का पर्दाफाश होते ही उसे गिरफ्तार कर लिया।
सफल अभ्यर्थी ही बन बैठे थे दलाल, 38 आरोपी होटवार जेल में बंद
JSSC CGL पेपर लीक मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए 38 आरोपियों में एक बड़ी संख्या ऐसे तथाकथित सफल अभ्यर्थियों की भी है, जिन्होंने महज छात्र रहने के बजाय सिंडिकेट के सक्रिय दलाल की भूमिका निभाई। इन अभ्यर्थियों ने खुद का चयन पक्का कराने के साथ-साथ अन्य कई छात्रों से लाखों की डील करवाकर कमीशन का खेल खेला। CID अधिकारियों का कहना है कि एजेंसी और बिचौलियों के गठजोड़ के खिलाफ डिजिटल सबूत और बैंक खातों की पड़ताल जारी है। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में रांची के बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार (होटवार जेल) भेज दिया गया है, जबकि आने वाले दिनों में कुछ और रसूखदारों पर शिकंजा कसना तय माना जा रहा है।


