
Bokaro: बोकारो में इस्पात कर्मियों के बोनस और ठेका मजदूरों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि (इंसेंटिव) में असमानता को लेकर विरोध की आग तेज हो गई है। जय झारखंड मजदूर समाज के बैनर तले मजदूरों ने बोकारो के सेक्टर-4 स्थित गांधी चौक पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान उग्र मजदूरों ने सेल (SAIL) प्रबंधन और एनजेसीएस (NJCS) का पुतला फूंका। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्थायी इस्पात कर्मी और ठेका मजदूर शामिल हुए।

32 हजार के बोनस समझौते पर जताया कड़ा विरोध
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए संगठन के महामंत्री बीके चौधरी ने आरोप लगाया कि 1 अक्टूबर को नई दिल्ली में सेल (SAIL) प्रबंधन और एनजेसीएस (NJCS) के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक में इस्पात कर्मियों के लिए 32 हजार रुपये बोनस की राशि पर समझौता किया गया। उन्होंने कहा कि यह राशि मजदूरों की उम्मीदों और उनके द्वारा दिए गए उत्पादन के मुकाबले बेहद कम है।

ठेका मजदूरों को भी मिले प्रॉफिट लिंक्ड इंसेंटिव
बीके चौधरी ने जोर देकर कहा कि बोकारो स्टील प्लांट के रिकॉर्ड उत्पादन और मुनाफे में ठेका मजदूरों का योगदान सबसे अहम होता है। ऐसे में दुर्गा पूजा के अवसर पर उन्हें नजरअंदाज करना सरासर गलत है। ठेका मजदूरों को भी स्थायी कर्मचारियों की तर्ज पर ‘प्रॉफिट लिंक्ड इंसेंटिव’ जैसी पारदर्शी व्यवस्था के तहत सम्मानजनक भुगतान मिलना चाहिए।
39 महीने के बकाया एरियर का भी उठाया मुद्दा
मजदूर नेता ने 2017 से लंबित वेज रिवीजन के 39 महीने के एरियर का मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रबंधन जानबूझकर कर्मचारियों के हक की राशि दबाकर बैठा है। उन्होंने सभी मजदूरों से अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट रहने की अपील की। इस विरोध प्रदर्शन में यूनियन के साथ-साथ झामुमो (JMM) से जुड़े कई वरिष्ठ पदाधिकारी और भारी संख्या में मजदूर मौजूद रहे।


