Homeझारखंडपाकुड़ SP समेत 5 जवानों की शहादत का मामला, काठीकुंड नक्सली हमले...

पाकुड़ SP समेत 5 जवानों की शहादत का मामला, काठीकुंड नक्सली हमले के आरोपी को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत, जमानत खारिज

Published on

spot_img
spot_img
- Advertisement -

Jharkhand High Court : झारखंड हाईकोर्ट ने दुमका के चर्चित काठीकुंड नक्सली हमले से जुड़े मामले में आरोपी राज कुमार भगत उर्फ राजकुमार भगत को नियमित जमानत देने से साफ इनकार कर दिया है। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की खंडपीठ ने क्रिमिनल अपील (डीबी) नंबर 499/2026 पर अपना अहम फैसला सुनाते हुए निचली अदालत के आदेश में हस्तक्षेप करने से मना कर दिया। यह खौफनाक मामला साल 2013 में प्रतिबंधित संगठन एमसीसी (भाकपा माओवादी) द्वारा पुलिस काफिले पर घात लगाकर किए गए हमले और पाकुड़ के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक (SP) अमरजीत बलिहार समेत पांच पुलिसकर्मियों की शहादत से जुड़ा हुआ है।

- Advertisement -

हमले से तीन दिन पहले हुई थी साजिश, गवाहों के बयानों का हवाला

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में केस डायरी के पैराग्राफ 150 और 151 में दर्ज स्वतंत्र गवाहों के बयानों को बेहद अहम माना। गवाहों के अनुसार, राज कुमार भगत ने 29 जून 2013 को दुमका के जामनी में माओवादियों की एक गुप्त बैठक में शिरकत की थी, जिसमें एक बड़े अपराध को अंजाम देने की खतरनाक साजिश रची गई थी। अदालत ने रेखांकित किया कि यह बैठक 2 जुलाई 2013 को काठीकुंड में हुए खूनी हमले से ठीक तीन दिन पहले हुई थी। पीठ ने स्पष्ट किया कि केस डायरी में साजिश से जुड़ी विशिष्ट सामग्री मौजूद होने के कारण पहले भी उसकी जमानत मेरिट पर खारिज की जा चुकी है और वर्तमान में कोई नया आधार नहीं बनता।

- Advertisement -

FIR में नाम न होने और ट्रायल में देरी की दलीलें खारिज

अपीलकर्ता की ओर से दलील दी गई थी कि उसका नाम मूल प्राथमिकी (FIR) में नहीं था और घटना के काफी समय बाद चार्जशीट दाखिल होने पर उसे 7 नवंबर 2022 को गिरफ्तार किया गया। बचाव पक्ष ने कहा कि आरोपी के पास से कोई हथियार या आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई, न ही कोई वित्तीय लेन-देन साबित हुआ है। यह भी तर्क दिया गया कि वह लगभग तीन साल दस महीने से जेल में बंद है और 46 गवाहों में से अब तक केवल 12 की ही गवाही हो सकी है। हालांकि, हाईकोर्ट ने इन दलीलों को नाकाफी माना और कहा कि यूएपीए (UAPA) जैसे गंभीर मामलों में केवल ट्रायल में देरी अपने आप जमानत का आधार नहीं बन सकती।

समानता (पैरिटी) का लाभ देने से इनकार, UAPA के कड़े प्रावधानों का जिक्र

राज कुमार भगत की ओर से अन्य सह-आरोपियों को मिली जमानत का हवाला देकर समानता (पैरिटी) के आधार पर रिहाई की मांग की गई थी, जिसे खंडपीठ ने सिरे से खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि प्रत्येक आरोपी की भूमिका और उसके खिलाफ उपलब्ध सामग्री अलग होती है, इसलिए स्वतः समानता का लाभ नहीं दिया जा सकता। खंडपीठ ने यूएपीए की धारा 43D(5) तथा सुप्रीम कोर्ट के नजीर बने फैसलों (जहूर अहमद शाह वाटली व गुरविंदर सिंह केस) का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे गंभीर मामलों में सामान्य अपराधों की तरह ‘बेल नियम है, जेल अपवाद’ का सिद्धांत लागू नहीं होता। यदि प्रथम दृष्टया आरोप पुख्ता नजर आते हैं, तो अदालतें वैधानिक पाबंदियों से बंधी हैं। इन तमाम बिंदुओं के आधार पर अदालत ने अपील खारिज कर दी।

ताज़ा ख़बरें...

Menopause: आखिरी पीरियड के आसपास शरीर में क्यों हो सकते हैं अचानक बदलाव? नई स्टडी में हुआ बड़ा खुलासा

Health : मेनोपॉज यानी रजोनिवृत्ति को आमतौर पर महिलाओं के शरीर में होने वाला...

IND vs WI: निर्णायक मुकाबले से पहले टीम इंडिया में बड़ा बदलाव, भुवनेश्वर की एंट्री से किसका कटेगा पत्ता?

Sports : भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज का...

‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले पुलिस का एक्शन, नेहा बोरा-दीपके हिरासत में; दिल्ली में क्यों मचा घमासान?

New Delhi: राजधानी दिल्ली में शुक्रवार, 16 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के...

खूंटी के 35 साल पुराने ट्रिपल मर्डर केस में 6 दोषियों को उम्रकैद, झारखंड HC ने बरकरार रखी सजा

Jharkhand High Court: झारखंड HC ने खूंटी के चिरीबेरा में 35 साल पहले जमीन...

ये भी पढ़ें...

Menopause: आखिरी पीरियड के आसपास शरीर में क्यों हो सकते हैं अचानक बदलाव? नई स्टडी में हुआ बड़ा खुलासा

Health : मेनोपॉज यानी रजोनिवृत्ति को आमतौर पर महिलाओं के शरीर में होने वाला...

IND vs WI: निर्णायक मुकाबले से पहले टीम इंडिया में बड़ा बदलाव, भुवनेश्वर की एंट्री से किसका कटेगा पत्ता?

Sports : भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज का...

‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च से पहले पुलिस का एक्शन, नेहा बोरा-दीपके हिरासत में; दिल्ली में क्यों मचा घमासान?

New Delhi: राजधानी दिल्ली में शुक्रवार, 16 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के...