
Ranchi: राजधानी रांची में प्रतियोगी परीक्षाओं और अकादमिक शिक्षा की तैयारी कराने वाले कोचिंग संस्थानों में छात्रों की सुरक्षा को लेकर रांची नगर निगम (RMC) ने कड़ा रुख अपनाया हुआ है। सुरक्षा मानकों और गाइडलाइंस की अनदेखी के आरोप में नगर निगम द्वारा पूर्व में सील किए गए सात कोचिंग संस्थानों को शनिवार को सशर्त खोलने की अनुमति दे दी गई। यह राहत कोचिंग संचालकों द्वारा नगर निगम में औपचारिक शपथ पत्र (एफिडेविट) जमा कराने के बाद दी गई है।

शपथ पत्र में 7 दिनों के भीतर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का वादा
संस्थानों की सील खोलने से पहले सभी सातों कोचिंग संस्थानों के संचालकों ने निगम कार्यालय में शपथ पत्र दाखिल किया। संचालकों ने लिखित वचन दिया है कि नगर निगम द्वारा छात्रों की हिफाजत के लिए तय की गई सभी सुरक्षा गाइडलाइनों का वे अक्षरशः अनुपालन करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि फायर सेफ्टी से लेकर आपातकालीन निकासी तक की सभी आवश्यक और अनिवार्य व्यवस्थाएं एक सप्ताह के भीतर हर हाल में पूरी कर ली जाएंगी। इस लिखित आश्वासन के बाद नगर निगम प्रशासन ने संस्थानों के गेट से सील हटाने का आदेश जारी किया।

फायर सेफ्टी और भवन मानकों की जांच में पकड़ी गई थी भारी लापरवाही
उल्लेखनीय है कि देश भर के कोचिंग सेंटरों में हुए हादसों से सबक लेते हुए रांची नगर निगम ने शहर के कोचिंग हबों में सघन जांच अभियान चलाया था। निगम की विशेष टीमों ने कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा उपकरण, आपातकालीन निकास द्वार, क्लासरूम में छात्रों के बैठने की क्षमता, वेंटिलेशन और भवन के ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) सहित कई तकनीकी व सुरक्षा मानकों की मौके पर पड़ताल की थी। इस गहन जांच में मानकों का घोर उल्लंघन और छात्रों की जान जोखिम में डालने की पुष्टि होने पर सात कोचिंग संस्थानों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया था।
समय पर मानक पूरे नहीं हुए तो दोबारा चलेगा निगम का डंडा
रांची नगर निगम ने कोचिंग संचालकों को साफ और सख्त चेतावनी दी है कि यह अनुमति पूरी तरह सशर्त और अस्थायी मोहलत के तौर पर दी गई है। यदि तय एक सप्ताह की समय-सीमा के भीतर गाइडलाइन के अनुरूप अग्नि सुरक्षा और आपात निकास के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, तो बिना किसी पूर्व सूचना के इन संस्थानों पर दोबारा सीलिंग की सख्त कार्रवाई की जाएगी। निगम ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा और जीवन रक्षा के मामले में किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।


