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Mid Day Meal: मिड-डे मील में मिली मरी छिपकली, खाना खाने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ी

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सहरसा: बिहार के सहरसा में शनिवार को Mid Day Meal में मरी हुई छिपकली मिलने से हड़कंप मच गया। मामला बनगांव थाना क्षेत्र के उत्क्रमित मध्य विद्यालय वासुदेवा का है। बताया जा रहा है कि भोजन खाने के बाद कई बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

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ग्रामीणों ने करीब दो दर्जन बच्चों के बीमार होने की बात कही है। हालांकि, प्रभावित बच्चों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

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Mid Day Meal खाने के बाद बच्चों ने की पेट दर्द और उल्टी की शिकायत

बच्चों की मां रेणु देवी के अनुसार, कक्षा चार और पांच के करीब दो दर्जन बच्चों की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली। उन्होंने बताया कि स्कूल का खाना खाने के बाद बच्चों को पेट दर्द, सिर दर्द और उल्टी की शिकायत होने लगी। घटना की जानकारी मिलते ही स्कूल में मौजूद शिक्षकों और ग्रामीणों के बीच चिंता बढ़ गई। सूचना शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग को भी दी गई।

थाना प्रभारी ने बच्चों को पहुंचाया अस्पताल

मामले की सूचना मिलते ही हाई स्कूल वासुदेवा के प्रधानाध्यापक आकाश कुमार और प्रधानाध्यापक बृजेंद्र मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति को संभालने की कोशिश की।

बनगांव थाना प्रभारी भी स्कूल पहुंचे। उन्होंने कुछ बच्चों को अपनी गाड़ी से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। इसके बाद एंबुलेंस और चिकित्सकों की टीम भी स्कूल पहुंची। बच्चों की जांच की गई और इलाज शुरू किया गया। फिलहाल बच्चों की हालत और उनकी संख्या को लेकर प्रशासन की ओर से विस्तृत जानकारी का इंतजार है।

‘चखने की प्रक्रिया हुई थी’, फिर कैसे मिली छिपकली?

विद्यालय के प्रधानाध्यापक के अनुसार, मध्यान्ह भोजन की निर्धारित चखने की प्रक्रिया पूरी की गई थी। उस समय भोजन में किसी तरह की असामान्य स्थिति नजर नहीं आई। हालांकि, बाद में भोजन में मरी हुई छिपकली दिखाई दी।

बताया गया कि स्कूल में मध्यान्ह भोजन एनजीओ के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में भोजन की गुणवत्ता और इसे स्कूल तक पहुंचाने की प्रक्रिया भी जांच के दायरे में आ सकती है।

स्कूल पहुंचे SDO, जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी

घटना की जानकारी मिलने पर एसडीओ श्रेयांश तिवारी भी विद्यालय पहुंचे। उन्होंने बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली। एसडीओ ने कहा कि बच्चों का इलाज जारी है। फिलहाल प्रभावित बच्चों की संख्या बताना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक जांच के बाद ही लापरवाही की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

अब जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि मिड-डे मील में मरी छिपकली कैसे पहुंची और भोजन की गुणवत्ता जांचने की प्रक्रिया में चूक कहां हुई। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता बच्चों का इलाज और उनकी स्थिति पर नजर बनाए रखना है।

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