
Gumla: पिछड़ा वर्ग संघर्ष समिति झारखंड की ओर से राज्य के 7 जिलों में रोस्टर व्यवस्था के तहत पिछड़े वर्गों के आरक्षण को शून्य किए जाने और आगामी जनगणना में पिछड़ा वर्ग (OBC) का अलग कॉलम नहीं रखे जाने के विरोध में बड़े आंदोलन का बिगुल फूंक दिया गया है। समिति ने अपनी मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली है।

5 अक्टूबर को निकलेगा मशाल जुलूस
समिति की ओर से दी गई चेतावनी के अनुसार, सोमवार 5 अक्टूबर को गुमला के साथ-साथ रांची, खूंटी, लोहरदगा और सिमडेगा जिलों में एक साथ विशाल मशाल जुलूस निकाला जाएगा। इस मशाल जुलूस के जरिए सरकार और प्रशासन को जगाने का प्रयास किया जाएगा।

6 अक्टूबर को पूर्ण बंद और चक्का जाम का निर्णय
मशाल जुलूस के अगले दिन, यानी मंगलवार 6 अक्टूबर को पांचों प्रभावित जिलों में पूर्ण बंद और चक्का जाम करने का फैसला लिया गया है। समिति ने साफ किया है कि इस दौरान सड़कों पर वाहनों का परिचालन पूरी तरह ठप्प रखा जाएगा और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे।
7 अक्टूबर को धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन
आंदोलन के तीसरे दिन, 7 अक्टूबर को सभी संबंधित जिला मुख्यालयों में शांतिपूर्ण तरीके से धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इसके बाद जिला प्रशासन के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति, राज्यपाल और केंद्रीय गृह मंत्री के नाम एक मांग पत्र (ज्ञापन) सौंपा जाएगा।
आम जनता और पिछड़ा वर्ग से समर्थन की अपील
पिछड़ा वर्ग संघर्ष समिति ने गुमला समेत अन्य जिलों के लोगों, सामाजिक संगठनों और आम जनता से अपील की है कि वे अपने हक और अधिकार की इस लड़ाई में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और प्रस्तावित बंद व मशाल जुलूस को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाएं।


