
Bokaro: बोकारो जिले के चास थाना क्षेत्र अंतर्गत तेलीडीह में जितिया (जीवित्पुत्रिका) पर्व के पावन अवसर पर झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। जिस मां ने अपने कलेजे के टुकड़े की लंबी उम्र और सलामती के लिए चौबीस घंटे का कठिन निर्जला व्रत रखा था, पारण की बेला आने से ठीक पहले उसी बेटे की असमय मौत हो गई। तेलीडीह स्थित देव मार्केट के समीप एक बहुमंजिला इमारत की चौथी मंजिल से गिरकर 17 वर्षीय किशोर की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस दारुण हादसे के बाद पर्व की खुशियां पलक झपकते ही चीख-पुकार और मातम में बदल गईं।

2027 में 10वीं की परीक्षा देने वाला था शिवांश, बंगाल का रहने वाला है परिवार
मृतक की पहचान 17 वर्षीय शिवांश उर्फ राहुल कुमार के रूप में हुई है। वह वर्ष 2027 में मैट्रिक (10वीं) की बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए मन लगाकर तैयारी कर रहा था। जानकारी के मुताबिक, शिवांश पिछले करीब ढाई वर्षों से अपनी मां के साथ चास के तेलीडीह स्थित देव मार्केट के पास एक किराए के मकान में चौथी मंजिल पर रह रहा था। पीड़ित परिवार मूल रूप से पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के श्रीरामपुर का निवासी है और रोजी-रोटी के सिलसिले में पिछले 10 वर्षों से बोकारो में निवास कर रहा है। शिवांश के पिता युधिष्ठिर महतो मजदूरी के लिए हैदराबाद में कार्यरत हैं।

‘मां घूमने जा रहा हूं’ कहकर निकला, कुछ ही देर में आई मौत की खबर
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार की अहले सुबह करीब पांच बजे शिवांश सोकर उठा। उसने व्रत में बैठी अपनी मां से कहा कि वह थोड़ी देर बाहर टहलने जा रहा है और कमरे से बाहर निकल गया। इसके महज कुछ ही मिनट बाद जोरदार धड़ाम की आवाज आई और नीचे खून से लथपथ शिवांश के पड़े होने की खबर मिली। परिजन बदहवास होकर नीचे दौड़े, लेकिन सिर और शरीर में लगी गंभीर चोटों के कारण उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया था।
सुबह 5:30 बजे तेज आवाज सुनकर दौड़े पड़ोसी, मौके पर पहुंची चास पुलिस
पड़ोसी राजेश ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि सुबह करीब साढ़े पांच बजे अचानक एक तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। जब वे भागकर बाहर पहुंचे, तो देखा कि युवक लहूलुहान अवस्था में जमीन पर गिरा हुआ था। आसपास के लोगों ने फौरन मकान मालिक और चास थाना पुलिस को घटना से अवगत कराया। सूचना पाकर चास थाना पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए चास अनुमंडलीय अस्पताल भेज दिया।
शांत स्वभाव का था शिवांश, सभी बिंदुओं पर जांच जारी
घटना के संदर्भ में एसएसपी वेदांत शंकर ने बताया कि प्राथमिक तफ्तीश के अनुसार युवक अपनी मां के साथ यहां रहकर पढ़ाई कर रहा था, जबकि पिता काम के सिलसिले में हैदराबाद में रहते हैं। पड़ोसियों और परिजनों से बातचीत में यह बात सामने आई है कि शिवांश बेहद शांत और सरल स्वभाव का था। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह महज पैर फिसलने से हुआ हादसा है या इसके पीछे कोई अन्य मानसिक दबाव या वजह थी। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


