
Giridih: शारदीय दुर्गा पूजा के त्योहार को शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए गिरिडीह जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। इसी क्रम में जिले के सदर और खोरीमहुआ अनुमंडल में शांति समिति की बैठकों का दौर चला। बैठकों में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों और पूजा समितियों के प्रतिनिधियों के साथ सुरक्षा, विधि-व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की।

खोरीमहुआ और सदर अनुमंडल में अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
खोरीमहुआ अनुमंडल कार्यालय में आयोजित बैठक में SDM और SDPO अमरेंद्र कुमार के अलावा धनवार, जमुआ और देवरी समेत कई थानों के प्रभारी मौजूद रहे। वहीं, गिरिडीह सदर अनुमंडल स्तर की बैठक सदर एसडीएम धीरेंद्र प्रसाद, सदर एसडीपीओ जितवाहन और डीएसपी नीरज सिंह की मौजूदगी में हुई। सदर की बैठक में हालांकि पूजा समितियों और शांति समिति के सदस्यों की उपस्थिति आम दिनों की तुलना में कुछ कम देखी गई, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने सुरक्षा के हर पहलू की बारीकी से समीक्षा की।

‘हर वर्ग की रोजी-रोटी से जुड़ा है त्योहार’, अधिकारियों की भावुक अपील
बैठक के दौरान अधिकारियों ने एक बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण बात रखी। उन्होंने कहा कि पूजा-त्योहार भले ही किसी खास समुदाय की आस्था का हिस्सा होते हैं, लेकिन आर्थिक रूप से इनसे समाज के हर तबके के लोगों की आजीविका जुड़ी होती है। छोटे-मोटे दुकानदार, ठेले-खोमचे वाले, कारीगर और दिहाड़ी मजदूर इन्हीं त्योहारों से होने वाली कमाई से अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और परिवार का भरण-पोषण करते हैं। अधिकारियों ने अपील की कि किसी भी छोटी बात या विवाद से माहौल खराब न होने दें, क्योंकि शांति बने रहने से ही सभी का जीवन सुचारू रूप से चलता है।
सोशल मीडिया और असामाजिक तत्वों पर रहेगी सख्त नजर
प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिया कि पर्व के दौरान हुड़दंग मचाने वाले या माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों की सूचना तुरंत नजदीकी थाने को दी जाए। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और भड़काऊ संदेशों पर विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी गई। पुलिस अधिकारियों ने साफ किया कि इंटरनेट पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और पूजा के दौरान चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती रहेगी।


