
Ranchi: झारखंड ने ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। रांची स्थित गेतलसूद डैम में स्थापित राज्य के सबसे बड़े फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट से अब अपनी पूरी क्षमता पर बिजली का कमर्शियल प्रोडक्शन (व्यावसायिक उत्पादन) शुरू हो गया है। इस प्लांट की कुल 100 मेगावाट क्षमता पर कमर्शियल ऑपरेशन 2 अक्तूबर से आधिकारिक रूप से शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही गेतलसूद जलाशय से सौर ऊर्जा उत्पादन का दूसरा फेज भी पूरा हो गया है।

सिकिदिरी इरबा ग्रिड के माध्यम से होगी बिजली की सप्लाई
गेतलसूद प्लांट में बनने वाली सोलर पावर को सिकिदिरी स्थित इरबा ग्रिड भेजा जा रहा है। यहां से JBVNL के माध्यम से रांची और इसके आसपास के इलाकों में बिजली की सप्लाई की जाएगी। इस प्रोजेक्ट के पूरी क्षमता से चालू होने के बाद दिन के समय रांची शहर की बिजली व्यवस्था को काफी मजबूती मिलने की उम्मीद है, जिससे बिजली कटौती की समस्या कम होगी।

दो फेजों में पूरा हुआ 100 मेगावाट का यह प्रोजेक्ट
इस प्रोजेक्ट का काम दो चरणों में पूरा किया गया है। प्लांट की पहली 50 मेगावाट यूनिट से 29 अगस्त 2026 को कमर्शियल बिजली उत्पादन शुरू किया गया था और शुरुआती चरण में बनी बिजली को सिकिदिरी ग्रिड भेजा जा रहा था। इसके बाद बची हुई 50 मेगावाट क्षमता की दूसरी यूनिट का काम पूरा किया गया और अब दोनों यूनिट्स को मिलाकर कुल 100 मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जा रहा है।
1 लाख घरों को मिलेगा फायदा, ग्रीन एनर्जी गोल को मिलेगी रफ्तार
अधिकारियों के अनुसार, 100 मेगावाट क्षमता वाला यह फ्लोटिंग सोलर प्लांट पूरी तरह चालू होने से करीब 1 लाख परिवारों को बिजली उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। रांची और आसपास के क्षेत्रों में पावर सप्लाई बेहतर होने के साथ-साथ इस प्रोजेक्ट से राज्य के रिन्यूएबल एनर्जी (अक्षय ऊर्जा) के लक्ष्य को भी बड़ी रफ्तार मिलेगी।


