
Chaibasa: पश्चिम सिंहभूम जिले के खूंटपानी प्रखंड स्थित ऊलीराजाबासा गांव में ग्रामीण महिलाओं की सतर्कता से एक बड़ा हादसा टल गया। महिलाओं ने सूझबूझ और हिम्मत दिखाते हुए एक 17 वर्षीय नाबालिग बच्ची को संदिग्ध टोटो चालक के चंगुल से सुरक्षित बचा लिया।

बस स्टैंड ले जाने के नाम पर रात में घुमाता रहा चालक
जानकारी के अनुसार, पीड़िता जोड़ा बड़बिल गांव की रहने वाली है और कुछ दिन पहले एक त्योहार के सिलसिले में सदर प्रखंड स्थित अपने मामा के घर आई हुई थी। जब वह अपने गांव वापस लौटने के लिए चाईबासा बस स्टैंड जाने के लिए एक टोटो पर बैठी, तो आरोप है कि चालक उसे बस स्टैंड ले जाने के बजाय रात करीब 9 बजे तक इधर-उधर सुनसान इलाकों में घुमाता रहा।

शंका होने पर बच्ची ने मांगी मदद, महिलाओं ने किया रेस्क्यू
टोटो के खूंटपानी के ऊलीराजाबासा पहुंचने पर बच्ची को स्थिति पर संदेह हुआ, जिसके बाद उसने हिम्मत जुटाकर वहां मौजूद स्थानीय लोगों से मदद मांगी। इसके तुरंत बाद गांव की महिला समिति की सदस्य आगे आईं और टोटो चालक का विरोध करते हुए बच्ची को अपने संरक्षण में ले लिया। संपर्क नंबर न होने के कारण महिलाओं ने बच्ची को 5 दिनों तक अपने पास पूरी सुरक्षा के साथ रखा।
प्रशासन और पुलिस के सहयोग से घर भेजने की तैयारी
परिजनों से संपर्क का कोई साधन नहीं मिलने पर महिला समिति ने खूंटपानी के प्रखंड प्रमुख सिद्धार्थ होनहागा को इस बात की जानकारी दी। सूचना मिलते ही प्रखंड प्रमुख गांव पहुंचे और बच्ची से मुलाकात कर उसका हाल जाना। इसके बाद उन्होंने मुफस्सिल थाना प्रभारी से बात की ताकि कानूनी प्रक्रिया पूरी कर बच्ची को उसके माता-पिता के पास सुरक्षित पहुंचाया जा सके।


