
Bokaro: बोकारो स्थित केंद्रीय विद्यालय (KV) सेक्टर-4 में 37वीं राष्ट्रीय युवा संसद प्रतियोगिता का शानदार आयोजन हुआ। दो दिनों तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में झारखंड के अलग-अलग केंद्रीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मुख्य मकसद बच्चों को देश की संसद, वहां होने वाले कामकाज, कानून बनने के तौर-तरीकों और लोकतांत्रिक व्यवस्था की बारीकियों को आसान ढंग से समझाना रहा। इस दौरान विद्यार्थियों ने असली संसद जैसा माहौल बनाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

संसद की तर्ज पर सवाल-जवाब और गरमा-गरम बहस
प्रतियोगिता के दौरान पूरे सदन का संचालन बिल्कुल नई दिल्ली स्थित वास्तविक संसद की तरह किया गया। छात्र-छात्राओं ने अलग-अलग भूमिकाएं निभाईं, कोई लोकसभा स्पीकर की कुर्सी संभालता नजर आया, तो किसी ने नेता प्रतिपक्ष बनकर सरकार की नीतियों पर तीखे सवाल दागे। वहीं कई विद्यार्थी सांसद और मंत्रियों की भूमिका में जनता से जुड़े मुद्दों पर बहस करते और जवाब देते दिखे। बच्चों ने संसदीय नियमों का पूरा पालन करते हुए बड़े ही आत्मविश्वास के साथ सदन की कार्यवाही चलाई।

5 और 6 अक्टूबर को आयोजन, नेतृत्व क्षमता बढ़ाने पर जोर
आयोजकों ने जानकारी दी कि 5 और 6 अक्टूबर को आयोजित इस कार्यक्रम का मकसद विद्यार्थियों में लोकतंत्र के प्रति समझ, आत्मविश्वास और नेतृत्व के गुण विकसित करना है। इस मंच के जरिए बच्चों को व्यावहारिक रूप से यह जानने का मौका मिला कि जनता के चुने हुए प्रतिनिधि सदन में आम लोगों के हक की बात कैसे रखते हैं और किसी बिल या कानून पर किस तरह विचार-विमर्श किया जाता है।
किताबों से बाहर आकर लोकतंत्र को करीब से जाना
प्रतिभागियों ने बताया कि किताबों में संसद के बारे में पढ़ने और खुद संसद का सदस्य बनकर बोलने में बड़ा फर्क होता है। इस मंच ने उन्हें यह सीखने का सीधा मौका दिया कि देश के बड़े फैसलों में बहस और चर्चा की कितनी अहमियत होती है। कुल मिलाकर, केंद्रीय विद्यालय सेक्टर-4 में आयोजित इस युवा संसद ने बच्चों को न सिर्फ एक मंच दिया, बल्कि देश की लोकतांत्रिक प्रणाली को बेहद करीब से महसूस करने का शानदार अवसर भी उपलब्ध कराया।


