
New Delhi: मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड और लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद को लेकर नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने बड़ा खुलासा किया है। एनआईए ने जम्मू की विशेष अदालत को बताया है कि आतंकी हाफिज सईद इस समय पाकिस्तान में छिपा हुआ है और जानबूझकर कानून की पकड़ से बच रहा है। एजेंसी की दलीलों पर सुनवाई करते हुए अदालत ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी कर दिया है। पिछले दो महीने के भीतर हाफिज सईद के खिलाफ जारी होने वाला यह दूसरा गैर-जमानती वारंट है।

पाकिस्तान से घाटी में भेज रहा है हथियार और फंड
एनआईए ने अदालत को दी गई जानकारी में बताया कि हाफिज सईद पाकिस्तान की धरती से बैठकर कश्मीर घाटी में सक्रिय आतंकवादियों को हथियार, पैसे और निर्देश मुहैया करा रहा है। एजेंसी का कहना है कि वह जांच में सहयोग नहीं कर रहा है और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार फरार चल रहा है। इसी आधार पर एनआईए ने कोर्ट से उसके खिलाफ कड़ा रुख अपनाने की मांग की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।

मोहम्मद नकीब भट की गिरफ्तारी से खुला था पूरा नेटवर्क
यह पूरा मामला जम्मू-कश्मीर में एक्टिव आतंकी नेटवर्क की जांच से जुड़ा है। इसकी शुरुआत श्रीनगर के बाहरी इलाके पांडाच से मोहम्मद नकीब भट की गिरफ्तारी के साथ हुई थी। चेकिंग के दौरान पुलिस ने उसके पास से चीन में बना एक ग्रेनेड और 15 जिंदा कारतूस बरामद किए थे। इसके बाद जकोरा थाने में UAPA, आर्म्स एक्ट और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच आगे बढ़ने पर लश्कर-ए-तैयबा और उसके ऑफशूट ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) से जुड़े कई अन्य आतंकियों की गिरफ्तारी हुई, जिसमें दो पाकिस्तानी नागरिक भी शामिल थे। इसी इन्वेस्टिगेशन के दौरान हाफिज सईद की संलिप्तता सामने आई।
दो महीने में दूसरा NBW
विशेष जज प्रेम सागर ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि जांच में हाफिज सईद की मुख्य भूमिका सामने आई है और वह अदालत के सामने पेश होने से बच रहा है। सामान्य प्रक्रिया से उसकी उपस्थिति संभव न होने पर कोर्ट ने वारंट जारी किया। इससे पहले 8 जुलाई को भी अप्रैल महीने में हुए पहलगाम आतंकी हमले के मामले में उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया जा चुका है, जिसमें 25 पर्यटकों और एक स्थानीय नागरिक की मौत हुई थी।


