
Ranchi: राजधानी रांची में बस्तियों को खाली कराने की प्रशासनिक कवायद के खिलाफ विरोध के सुर तेज हो गए हैं। बस्ती बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले सैकड़ों लोगों ने सड़कों पर उतरकर रैली निकाली। प्रदर्शन करते हुए यह रैली सचिवालय प्रोजेक्ट भवन के पास पहुंची, जहां लोगों ने जमकर अपनी आवाज बुलंद की। हाथों में तख्तियां लिए प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि बिना किसी ठोस पुनर्वास व्यवस्था के उन्हें हटाने की कार्रवाई किसी भी सूरत में मंजूर नहीं होगी।

वर्षों पुराने आशियाने पर संकट का डर
प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना है कि वे कई दशकों से इन इलाकों में परिवार के साथ रह रहे हैं। अचानक बस्तियां खाली कराने के नोटिस और कार्रवाई से उनके सामने सीधे सिर छिपाने का संकट खड़ा हो गया है। लोगों का सीधा सवाल है कि इतने सालों बाद अगर उन्हें जबरन हटाया गया, तो वे अपने परिवारों और बच्चों को लेकर कहां जाएंगे। स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन पहले उनके रहने और उचित पुनर्वास का पक्का इंतजाम करे, उसके बाद ही कोई कदम उठाए।

HEC जमीन को लेकर पुराना गतिरोध
यह पूरा विवाद मुख्य रूप से HEC परिसर से जुड़ी जमीनों को खाली कराने की कोशिशों से जुड़ा हुआ है। पहले भी जब-जब इन बस्तियों को हटाने की पहल हुई, स्थानीय स्तर पर इसका कड़ा विरोध देखने को मिला है। संघर्ष समिति का मानना है कि शहर के विकास के नाम पर गरीबों के आशियाने उजाड़ना गलत है। इसी लंबे समय से चले आ रहे गतिरोध को लेकर समिति ने एक बार फिर एकजुट होकर सरकार और प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाने के लिए यह बड़ा प्रदर्शन किया।
सुरक्षा को लेकर पुलिस बल मुस्तैद
सचिवालय जैसे संवेदनशील इलाके में प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड में दिखा। प्रोजेक्ट भवन और आसपास के प्रमुख रास्तों पर पहले से ही भारी संख्या में पुलिस बल और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई थी। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद रहकर स्थिति की निगरानी की ताकि किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की समस्या न बने। सुरक्षा घेरे के बीच प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखीं और ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।


