
New Delhi: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने महिला प्रदर्शनकारियों और पत्रकारों के साथ कथित बदसलूकी के मुद्दे पर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस को घेरा है। राहुल गांधी ने सोमवार को आरोप लगाया कि दिल्ली में अब एक ऐसा ‘पैटर्न’ बनता जा रहा है, जिसमें सवाल पूछने वाली महिलाओं को चुप कराने की कोशिश की जाती है।

राहुल गांधी ने दो महिला पत्रकारों नफीसा खान और शाहीन खान के साथ अपनी बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शेयर किया। इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सीधा सवाल किया कि उनकी पुलिस महिलाओं से क्यों डरती है?

‘जो महिला सवाल पूछे, उसे चुप करा दो’
राहुल गांधी ने दिल्ली में हाल के विरोध प्रदर्शनों और महिला पत्रकारों से जुड़े मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें इसमें एक ही तरह का पैटर्न दिखाई दे रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सवाल उठाने वाली महिलाओं को चुप कराने की कोशिश की जा रही है।
राहुल ने जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए दावा किया कि वहां बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया गया और महिला प्रदर्शनकारियों ने पुरुष पुलिसकर्मियों पर बदसलूकी के आरोप लगाए।
महिला पत्रकारों के कैमरे छीनने का भी लगाया आरोप
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकारों के कैमरे छीने गए और उनके साथ बदसलूकी हुई।
उन्होंने यह भी दावा किया कि एक महिला पत्रकार की शिकायत तक दर्ज नहीं की गई।
कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि लोकतंत्र में सवाल पूछने और घटनाओं की रिपोर्टिंग करने वालों के साथ ऐसा व्यवहार क्यों किया जा रहा है।
शाहीन और नफीसा की आपबीती का किया जिक्र
राहुल गांधी ने महिला पत्रकार शाहीन खान और नफीसा खान के आरोपों का भी जिक्र किया।
दोनों पत्रकारों ने सितंबर में आरोप लगाया था कि एक कार्यक्रम की कवरेज के दौरान उन्हें हिरासत में लेकर थाने ले जाया गया और वहां उनके साथ मारपीट तथा बदसलूकी हुई।
राहुल गांधी ने कहा कि दोनों पत्रकारों ने साकेत थाने के अंदर अपने साथ कथित तौर पर हुई घटना के बारे में उन्हें बताया है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जिस थाने में महिलाएं सुरक्षा और न्याय की उम्मीद लेकर पहुंचती हैं, अगर वहीं ऐसी शिकायत सामने आए तो यह गंभीर चिंता का विषय है।
दिल्ली पुलिस ने आरोपों को बताया था गलत
हालांकि महिला पत्रकारों की ओर से लगाए गए आरोपों का दिल्ली पुलिस पहले ही खंडन कर चुकी है।
पुलिस ने इन आरोपों को ‘तथ्यात्मक रूप से गलत’ और ‘भ्रामक’ बताया था। ऐसे में पत्रकारों की ओर से लगाए गए आरोप और दिल्ली पुलिस का पक्ष एक-दूसरे से अलग हैं।
राहुल ने मांगा साकेत थाने का CCTV फुटेज
राहुल गांधी ने मामले में साकेत थाने का पूरा CCTV फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि अगर पत्रकारों और महिलाओं के साथ कथित हिंसा या बदसलूकी हुई है तो जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।
राहुल ने शाहीन, नफीसा और दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाने वाली दूसरी महिलाओं के लिए न्याय की मांग भी की।
अमित शाह से राहुल का सीधा सवाल
कांग्रेस नेता ने इस पूरे मामले को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जोड़ते हुए उन पर राजनीतिक हमला किया।
राहुल गांधी ने सवाल किया, ‘अमित शाह जी, आप और आपकी पुलिस महिलाओं से डरती क्यों है?’
उनका कहना है कि दिल्ली पुलिस केंद्र सरकार के अधीन है, इसलिए महिलाओं और पत्रकारों की ओर से सामने आ रहे आरोपों पर जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
फिलहाल राहुल गांधी ने CCTV फुटेज सार्वजनिक करने और कथित घटनाओं के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है, जबकि दिल्ली पुलिस महिला पत्रकारों की ओर से पहले लगाए गए आरोपों को गलत और भ्रामक बता चुकी है।


